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हिंदू राष्ट्र, राजशाही की वापसी की मांग पर नेपाल में बवाल, लोग बोले-देश को बचाने के लिए बदलना होगा संविधान

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 10, 2024, 12:44 PM IST

Protest in Nepal : प्रदर्शनकारी आंग चिरिंग लामा ने कहा कि इस देश का संविधान बदलने की जरूरत है। आरपीपी की यही प्रमुख मांग है। राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर ही नेपाल को बचाया जा सकता है। हम देश को गर्त में जाते नहीं देख सकते।

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काठमांडू में मंगलवार को हुआ उग्र प्रदर्शन।

Photo : AP
KEY HIGHLIGHTS
  • नेपाल को एक बार फिर हिंदू राष्ट्र बनाने और राजशाही लौटाने की मांग तेज हो गई है
  • आरपीपी के नेतृत्व में मंगलवार को काठमांडू में हजारों लोगों ने विरोध-पर्दर्शन किया
  • लोगों का कहना है कि देश बचाने और उसे रास्ते पर लाने के लिए संविधान बदलना होगा

Protest in Nepal : भारत के पड़ोसी देश नेपाल में उग्र एवं हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। लोगों की मांग है कि राजशाही का दौर फिर से लौटना चाहिए और नेपाल को हिंदू राष्ट्र होना चाहिए। राष्ट्रीय प्रजातांत्रिक पार्टी (RPP) के बैनर तले मंगलवार को हुए मार्च एवं प्रदर्शन में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। अपनी मांगों को लेकर उद्वेलित प्रदर्शनकारी काठमांडू के प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हो गए जहां पुलिस के साथ उनकी हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का सहारा लेना पड़ा। पुलिस की कार्रवाई में कई लोग घायल भी हुए।

देश की पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी है RPP

मार्च का आयोजन करने वाली संसद की पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी आरपीपी ने पुलिसिया कार्रवाई के लिए डिप्टी पीएम और गृह मंत्री को निशाने पर लिया। आरपीपी ने दोनों नेताओं का इस्तीफा मांगा है। आरपीपी के मुखिया राजेंद्र लिंगदेन ने कहा कि हमने एक महीना पहले अपनी 40 सूत्रीय मांग का मसौदा सरकार को सौंपा था। हमारी प्रमुख मांग नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और राजशाही लौटाने की है। गृह मंत्री को लमिछाने या तो तुरंत इस्तीफा दें या उन्हें सरकार से बाहर निकाला जाए।

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लमिछाने के इस्तीफे की मांग

लमिछाने पहले से ही मुख्य विपक्षी पार्टी नेपाली कांग्रेस के निशाने पर हैं। विपक्षी पार्टी को-ऑपरेटिव घोटाले में अपनी कथित संलिप्तता पर घिरे लमिछाने से उनका इस्तीफा मांग रही है। नेपाली कांग्रेस के हंगामे की वजह से मंगलवार को संसद में कामकाज नहीं हो पाया। लमिछाने का कहना है कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे।

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सिंघा दरबार की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारी

मंगलवार का प्रदर्शन का आकार काफी बड़ा था। बड़ी संख्या में प्रदर्शकारियों के सड़कों पर आने से काठमांडू की मुख्य सड़क पर भारी जाम लग गया। प्रदर्शनकारी सिंघा दरबार की तरफ बढ़े। यहां पुलिस की सख्ती बढ़ने पर लोग प्रतिबंधित इलाके में दाखिल हो गए। प्रदर्शनकारी राजशाही की वापसी और देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करने वाले नारे लगा रहे थे।

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संविधान बदलने की जरूरत-प्रदर्शनकारी

प्रदर्शनकारी आंग चिरिंग लामा ने कहा कि इस देश का संविधान बदलने की जरूरत है। आरपीपी की यही प्रमुख मांग है। राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र घोषित होने पर ही नेपाल को बचाया जा सकता है।

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अगर ऐसा नहीं होता है तो यह देश और बुरे हालात में चला जाएगा। लोग आगे देश का पतन होता नहीं देख सकते। देश की मौजूदा हालत देखकर ही लोग सड़कों पर उतरे हैं और आरपीपी उनका नेतृत्व कर रही है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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