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प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडिश कंपनियों को भारत में निवेश का दिया आमंत्रण, कहा- सुधारों की रफ्तार हो रही तेज

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  • Updated May 18, 2026, 07:05 AM IST

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत और स्वीडन लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार और स्थिरता के साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं, पीएम मोदी ने स्वीडन की नवाचार और स्थिरता की ताकत को भारत के विशाल आकार, प्रतिभा और विकास की गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया।

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पीएम मोदी का स्वीडन दौरा

Photo : ANI

PM Modi in Sweden: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वीडिश कंपनियों से विनिर्माण, हरित हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि भारत की सुधार एक्सप्रेस पूरी गति से चल रही है। यूरोपीय कंपनियों को आकर्षित करते हुए पीएम मोदी ने दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना सहित पांच व्यापक क्षेत्रों में मौजूद संभावनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि वे भारत को वैश्विक अनुसंधान एवं विकास केंद्र बनाने में मदद कर सकती हैं।

पीएम मोदी ने किया निवेश की अपील

इलेक्ट्रॉनिक्स, डीप टेक विनिर्माण, एआई, हरित ऊर्जा, अवसंरचना, गतिशीलता, शहरी परिवर्तन, स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान उन अन्य क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनमें प्रधानमंत्री ने सहयोग का आह्वान किया। स्वीडन की आधिकारिक यात्रा पर आए मोदी ने यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन (ईआरटी) को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सभी कंपनियों के लिए अवसर मौजूद हैं और आश्वासन दिया कि आने वाले वर्षों में भारत की प्रमुख परियोजनाओं में उन्हें शामिल करने के लिए संस्थागत प्रणाली सहित विभिन्न कदम उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी नवाचार की अगली लहर भारत में सह-निर्मित होनी चाहिए। पीएम मोदी ने गोलमेज सम्मेलन में देश की युवा आबादी, बढ़ते मध्यम वर्ग और अवसंरचना विकास का जिक्र करते हुए कहा। पिछले 12 वर्षों में भारत सुधार, प्रदर्शन और बदलाव के मूल मंत्र पर काम कर रहा है। और सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ, यह सुधार एक्सप्रेस पूरी गति से आगे बढ़ रही है।

स्वीडन की तकनीक और भारत का विशाल आकार

इस बात पर जोर देते हुए कि भारत और स्वीडन लोकतंत्र, पारदर्शिता, नवाचार और स्थिरता के साझा मूल्यों से जुड़े हुए हैं, पीएम मोदी ने स्वीडन की नवाचार और स्थिरता की ताकत को भारत के विशाल आकार, प्रतिभा और विकास की गति के साथ जोड़ने का आह्वान किया। वोल्वो समूह द्वारा आयोजित इस गोलमेज सम्मेलन में स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन, वरिष्ठ यूरोपीय उद्योग जगत के नेता और प्रमुख यूरोपीय और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में बढ़ती गति का स्वागत किया, जिसमें ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की सफल वार्ता का समापन भी शामिल है। उन्होंने इस समझौते को एक परिवर्तनकारी आर्थिक साझेदारी बताया जो व्यापार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, सेवाओं और सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखलाओं में नए अवसर पैदा करेगी। उन्होंने कहा, हमने सरकारों के स्तर पर एक महत्वाकांक्षी और रणनीतिक एजेंडा निर्धारित किया है... जैसा कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा था, यह सभी समझौतों की जननी है। हम इसे जल्द से जल्द लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।

भारत-यूरोप व्यापार साझेदारी का जिक्र

जनवरी में भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौता (FTA) संपन्न किया। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (IMEC) जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाएं भारत-यूरोप व्यापार साझेदारी में नया मूल्य जोड़ती हैं। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत आज निवेश, नवाचार और विनिर्माण के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक स्थलों में से एक है। उन्होंने भारत की तीव्र आर्थिक वृद्धि, अगली पीढ़ी के आर्थिक सुधारों, व्यापार करने में सुगमता, शासन पर ध्यान केंद्रित करने, विस्तारित डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, जीवंत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और तेजी से रूपांतरित हो रहे अवसंरचना क्षेत्र पर प्रकाश डाला।

प्रधानमंत्री मोदी ने "डिजाइन फॉर इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया" के भारत के दृष्टिकोण को दोहराया और यूरोपीय कंपनियों को एक विश्वसनीय आर्थिक साझेदार के रूप में भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने भारत और यूरोप के बीच प्रतिभा के आदान-प्रदान, शिक्षा और कौशल साझेदारी के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने भारत के युवा और कुशल कार्यबल को भविष्य की वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक प्रमुख शक्ति बताया और जन-जन संबंधों और नवाचार साझेदारी को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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