फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित G7 समिट में पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के बीच मानवीय नुकसान पर जोर देते हुए अमेरिकी सैन्य हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा भी उठाया। जब वे इस बारे में बात कर रहे थे, तब वहां अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी बैठे थे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित
अमेरिकी राष्ट्रपति समेत दुनिया के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का हम स्वागत करते हैं। इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में हमारे मित्र देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री व्यापार में व्यवधान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।
भारतीयों की मौत का मुद्दा भी उठाया
फ्रांस के एवियन में 'नई साझेदारी का निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण' विषय पर आयोजित सत्र के दौरान बोलते हुए कहा 'कई भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है। वैश्विक समुद्री व्यापार के माध्यम से देशों को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें और नाविक बिना किसी भय के अपना काम कर सकें।'
तीन भारतीय नागरिकों की हुई थी मौत
उनका यह बयान तब आया है जब हाल ही में ओमान की खाड़ी में पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी। हमले के वक्त उस जहाज पर सवार चालक दल के कई अन्य सदस्य भी सवार थे। अपने संबोधन के दौरान हालांकि पीएम मोदी ने इस घटना का नाम नहीं लिया, लेकिन समझा जा रहा है कि उनका इशारा इसी ओर था।
बता दें कि सेट्टेबेलो से जुड़ी घटना इस सप्ताह की शुरुआत में घटी। जहाज में 28 लोगों का दल था, जिनमें 24 भारतीय नागरिक और चार अन्य और दो पाकिस्तानी,एक यूक्रेनी और एक रूसी नागरिक शामिल थे। अमेरिकी सेना ने टैंकर पर तब हमला किया जब उसने कथित तौर पर निर्देशों का पालन नहीं किया और कहा जा रहा था कि वह अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरान से तेल ले जा रहा था। यह भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले व्यापारिक जहाजों से जुड़ी तीन अलग-अलग घटनाओं में से एक थी।
इस सत्र में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर समेत कई अन्य नेता शामिल हुए।
बता दें कि जी7 दुनिया की सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है।
