PM Modi In G7 Summit:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस के एवियन पहुंच चुके हैं। मेजबान राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पीएम मोदी का आधिकारिक स्वागत किया। मैक्रों ने पीएम मोदी को गले लगाकर उनका अभिनंदन किया।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और G7 देशों के अन्य नेता फ्रांस के एवियन में G7 शिखर सम्मेलन में ग्रुप फोटो के लिए एक साथ खड़े हुए। 16 महीने बाद यह मौका आया है जब पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक मंच पर हैं।
तीन द्विपक्षीय बैठक में शामिल होंगे पीएम मोदी
बता दें कि जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी आज तीन महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। उनकी मुलाकात कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ होगी। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी प्रमुख एजेंडा रहेंगे। जी7 सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
ट्रंप के साथ बैठक पर रहेगी नजरें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ पीएम मोदी द्विपक्षीय बैठक भी है। ट्रंप के व्हाइट हाउस लौटने के बाद इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी की वाशिंगटन यात्रा के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बातचीत होगी। हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, ऐसे में ये वार्ता अहम है। व्यापार, शुल्क, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों और रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर मतभेदों ने मजबूत रणनीतिक साझेदारी में तनाव बढ़ा दिया है।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर गहन चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच इस समझौते को लेकर पिछले कई महीनों से बातचीत का दौर जारी है, जिसके तहत दोनों पक्ष एक-दूसरे के बाजारों तक पहुंच (मार्केट एक्सेस) बढ़ाने और आपसी व्यापार को मजबूत करने के रास्ते तलाश रहे हैं। अमेरिका का मानना है कि इस समझौते के जरिए उसे भारत को ऊर्जा, औद्योगिक सामान और चुनिंदा कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के बड़े अवसर मिलेंगे। हालांकि, दोनों देशों के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन इस शिखर सम्मेलन के दौरान समझौते को अंतिम रूप दिए जाने यानी इस पर मुहर लगने की संभावना बेहद कम है।
