G-7 Meeting: फ्रांस में G-7 की बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज बैठक होगी। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक के दौरान दोनों नेता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, पश्चिम एशिया संकट और अमेरिका से ऊर्जा आयात के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि ऊर्जा पर भारत और अमेरिका दोनों लंबे समय की साझेदारी चाहते हैं। यही नहीं दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता समझौता अपने अंतिम चरण में है और अगले कुछ सप्ताह में इस पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
यह बैठक 17 जून को होगी
दोनों नेताओं के बीच यह बैठक 17 जून को होगी। इससे पहले पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ने मंगलवार को फ्रांस के एवियॉन में जी7 सम्मेलन के दौरान एक दूसरे का अभिवादन स्वीकार किया और संक्षिप्त बातचीत की। करीब डेढ़ साल में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी। मोदी और ट्रंप गर्मजोशी से हाथ मिलाते हुए दिखे और उसके बाद उन्होंने थोड़ी बातचीत भी की। दोनों नेताओं की बुधवार को सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है। तत्काल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने क्या बातचीत की।
नाविकों की मौत के बाद रिश्तों में फिर तनाव
ट्रंप द्वारा मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाने के दावे किये जाने और अमेरिका की ओर से भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए जाने के बाद नई दिल्ली-वाशिंगटन के रिश्तों में भारी गिरावट आई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की पिछले महीने भारत यात्रा के बाद, दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बेहतर बनाने की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, ओमान के तट के पास पिछले हफ्ते एक वाणिज्यिक जहाज पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद दोनों देशों के रिश्तों में फिर से तनाव आ गया।
16 महीनों बाद हुई दोनों नेताओं की मुलाकात
रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से उन्हें 'निकट भविष्य’में व्हाइट हाउस आने का निमंत्रण दिया था। उन्होंने भारत को हिंद-प्रशांत को लेकर तैयार अमेरिकी नीति का ’आधार’ बताया था। प्रधानमंत्री मोदी जी7 सम्मेलन के दौरान दुनिया के कई अन्य नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पीएम मोदी और ट्रंप ने मंगलवार को फ्रांस के एवियॉन में जी7 सम्मेलन के दौरान एक दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की। द्विपक्षीय संबंधों में जारी तनाव के बीच, 16 महीनों में दोनों नेताओं की यह पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।
