Israel Hamas War: इजरायल और हमास के बीच जारी जंग और इसके बढ़ने की आशंका को देखते हुए अमेरिका सतर्क है। अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने करीब 900 सैनिकों की तैनाती कर चुका है या कर रहा है। पेंटागन के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक सेना के अधिकारी ने बताया कि मध्य पूर्व में जिन सैनिकों की तैनाती हो रही है उनमें टर्मिनल एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सहित कई अलग-अलग यूनिटों के सैनिक शामिल हैं।
सैनिकों की तैनाती की सटीक जानकारी नहीं दी
इन सैनिकों की तैनाती मध्य पूर्व के देशों में किसी जगह हो रही है, सेना के अधिकारी ने इसकी सटीक जानकारी नहीं दी। हालांकि, उन्होंने कहा कि ये सैनिक इजरायल नहीं जा रहे बल्कि इन्हें भेजने का लक्ष्य अमेरिकी सुरक्षा रक्षा तंत्र को मजबूती प्रदान करना है।
इजरायल को दो आयरन डोम सिस्टम देगा अमेरिका
बता दें कि ऐसी रिपोर्टों हैं कि आतंकियों ने सीरिया एवं अन्य जगहों पर अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया है। आने वाले समय में इन ठिकानों पर और हमले हो सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि 17 अक्टूबर और 26 अक्टूबर के बीच इराक एवं सीरिया में अमेरिकी बलों को निशाना बनाकर ड्रोन एवं रॉकेटों हमले की कम से कम 12 घटनाएं देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए अमेरिका दो यूएस आयरन डोम सिस्टम इजरायल को देने की सोच रहा है।
गाजा पट्टी में ईंधन खत्म होने के कगार पर
हमास के ठिकानों पर इजरायल का हमला जारी है। इजरायल के सैनिकों और टैंकों ने बृहस्पतिवार को उत्तरी गाजा में कुछ देर तक जमीनी हमला किया। सेना ने बताया कि दो सप्ताह से अधिक समय के हवाई हमलों के बाद संभावित जमीनी आक्रमण के मद्देनजर ‘युद्धक्षेत्र तैयार’ करने के लिए कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह हमला ऐसे वक्त किया गया जब संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि गाजा पट्टी में ईंधन खत्म होने के कगार पर है जिससे उसे क्षेत्र में राहत प्रयास रोकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इजरायल ने की है गाजा की घेराबंदी
इस महीने की शुरुआत में दक्षिणी इजरायल में हमास के हमले के बाद गाजा में भीषण घेराबंदी की गई है जहां भोजन, पानी तथा दवाएं खत्म हो रही हैं। दशकों से चले आ रहे इजरायल-फलस्तीन संघर्ष में गाजा में मरने वालों की बढ़ती संख्या अभूतपूर्व है। हमास शासित गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि संघर्ष में 7,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं, हालांकि इस आंकड़े का स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं किया जा सका है।
