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एस. जयशंकर से मिले शहबाज शरीफ, PAK पीएम ने आगे बढ़कर मिलाया हाथ, SCO समिट से पहले दोनों नेताओं में हुई गुफ्तगू

Shahbaz Sharif S Jaishankar Hand Shake: इस बाद शंघाई सहयोग संगठन की बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है। दो दिवसीय बैठक का आज पहला दिन है। SCO समिट में हिस्सा लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर पाकिस्तान पहुंचे हैं। इस दौरान पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने उनसे मुलाकात की।

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एस जयशंकर से मिले शहबाज शरीफ (Dawn News)

Shahbaz Sharif S Jaishankar Hand Shake: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर एससीओ समिट में हिस्सा लेने के लिए मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे हैं। इस्लामाबाद में नूर खान हवाई अड्डे पर जयशंकर का जोरदार स्वागत हुआ। इसके बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ द्वारा आयोजित डिनर में भी शिरकत की। दोनों नेताओं के मुताकात की तस्वीरें सामने आई हैं।

पाकिस्तानी डॉन न्यूज ने मुलाकात की तस्वीरों को सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस दौरान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ आगे बढ़कर एस जयशंकर से हैंडशेक करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच कुछ देर की गुफ्तगू भी हुई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों नेताओं के बीच कम समय में क्या बातचीत हुई।

9 साल बाद किसी भारतीय मंत्री का पाकिस्तान दौरा

विदेश मंत्री एस जयशंकर का पाकिस्तान दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, दोनों देशों के रिश्तों के बीच तनाव के चलते 9 साल बाद यह किसी भारतीय विदेश मंत्री का पहला पाकिस्तान दौरा है। ऐसे में भारत-पाकिस्तान के साथ अन्य देशों की नजरें भी इस पर टिकी हुई हैं।पाकिस्तान की यात्रा करने वाली भारत की आखिरी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज थीं। उन्होंने अफगानिस्तान पर एक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दिसंबर 2015 में इस्लामाबाद की यात्रा की थी।

पाकिस्तान में नहीं होगी द्विपक्षीय वार्ता

भले ही भारतीय विदेश मंत्री का कई सालों बाद यह पाकिस्तान दौरा हो, लेकिन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता की संभावना न के बराबर है। इसको लेकर विदेश मंत्रालय की ओर से पहले ही स्पष्टीकरण जारी किया जा चुका है। वहीं, खुद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले दिनों कहा था कि वह एक बहुपक्षीय सम्मेलन के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। इस दौरान पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की द्विपक्षीय वार्ता नहीं होगी। भारत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पार से आतंकवादी घटनाओं पर लगाम नहीं लगती, पाकिस्तान के साथ कोई बातचीत नहीं होगी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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