चिनाब नदी के प्रवाह में उतार-चढ़ाव पर बिलबिलाया पाकिस्तान, भारत को लिखा पत्र, अलापा पुराना राग
- Edited by: अमित कुमार मंडल
- Updated Dec 18, 2025, 11:52 PM IST
पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध बना हुआ है, लेकिन अपने लोगों के अस्तित्व से जुड़े जल अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा।
चेनाब नदी के प्रवाह पर बिलबिलाया पाकिस्तान (PTI)
पाकिस्तान ने चिनाब नदी के प्रवाह में कथित उतार-चढ़ाव पर बृहस्पतिवार को चिंता जताते हुए कहा कि उसने स्पष्टीकरण मांगने के लिए भारत को एक पत्र लिखा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे सिंधु जल आयुक्त ने सिंधु जल संधि में निहित प्रक्रियाओं के अनुसार इन मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगते हुए अपने भारतीय समकक्ष को एक पत्र लिखा है।
सिंधु जल संधि की दिलाई याद
उन्होंने कहा, हम भारत से आग्रह करते हैं कि वह पाकिस्तानी सिंधु जल आयुक्त द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दे, नदी के प्रवाह में किसी भी एकतरफा हेरफेर से परहेज करे और सिंधु जल संधि के प्रावधानों के तहत अपने दायित्वों का अक्षरशः पालन करे। 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकवादी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ उठाये गए दंडात्मक कदमों के तहत 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया था।
बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता बताया
अंद्राबी ने कहा कि नदी के प्रवाह में किसी भी तरह का हेरफेर, विशेषकर हमारे कृषि चक्र के एक महत्वपूर्ण समय पर, हमारे नागरिकों के जीवन और आजीविका के साथ-साथ खाद्य और आर्थिक सुरक्षा को सीधे तौर पर खतरे में डालता है। उन्होंने पाकिस्तान के इस रुख को दोहराया कि सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जो क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का माध्यम रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध बना हुआ है, लेकिन अपने लोगों के अस्तित्व से जुड़े जल अधिकारों पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला चिकित्सक का नकाब हटाने की घटना पर भी ऐतराज जताया और कहा कि इस तरह का कृत्य भारत में मुस्लिम महिलाओं के अपमान की घटनाएं आम होने का खतरा पैदा करता है।