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पाकिस्तान में बेकाबू हुए हालात, इमरान खान के बाद PTI के दूसरे बड़े नेता शाह महमूद कुरैशी भी गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 10, 2023, 06:42 PM IST

Pakistan News: इमरान खान के बाद पुलिस ने उनकी पार्टी पीटीआई के दूसरे बड़े नेता शाह महमूद कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया है। शाह महमूद कुरैशी इमरान सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं। इससे पहले पुलिस ने पीटीआई के बड़े नेता असद उमर को भी गिरफ्तार किया था।

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शाह महमूद कुरैशी गिरफ्तार

Photo : AP

Pakistan News: इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से पाकिस्तान सुलग रहा है। इमरान खान के समर्थक सड़क पर उतरकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्रदर्शन लगातार हिंसक होता जा रहा है और हालात बेकाबू हो होते जा रहे हैं। इस बीच खबर है कि पुलिस ने इमरान खान की पार्टी के दूसरे बड़े नेता शाह महमूद कुरैशी को भी गिरफ्तार कर लिया है। शाह महमूद कुरैशी इमरान सरकार में विदेश मंत्री रह चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले पुलिस ने पीटीआई के बड़े नेता असद उमर को भी गिरफ्तार किया था। बता दें, शाह महमूद कुरैशी और असद उमर लगातार इमरान खान की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। दोनों नेताओं के साथ कई पीटीआई कार्रकर्ताओं को भी इमरान खान ने हिरासत में लिया है।

हिंसक प्रदर्शन में कई पीटीआई कार्यकर्ताओं की मौत

पाकिस्तान में मंगलवार से जारी हिंसक प्रदर्शनों में अब तक चार पीटीआई कार्रकर्ताओं की मौत की खबर है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आठ कार्यकर्ताओं की मौत की पुष्टि की गई है। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रदर्शनों में 130 से ज्यादा पुलिसकर्मी भी घायल हो चुके हैं।

पंजाब में उतारी गई सेना

पाकिस्तान में पंजाब प्रांत में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय पुलिस प्रशासन की मदद के लिए यहां सेना तैनात करने का फैसला किया गया है। यहां सेना की 10 कंपनियां भेजी गई हैं। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा और इस्लामाबाद में भी सेना तैनात किए जाने की खबरें सामने आई हैं।

तोशाखाना केस में भी इमरान दोषी

इमरान खान को मंगलवार को अल कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था। इमरान की नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी का वीडियो भी सामने आया था। अब उन्हें चर्चित तोशाखाना मामले में भी दोषी ठहराया गया है। इस मामले में इमरान खान पर पीएम पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार का मामला है। आरोप था कि विदेश से मिले तोहफों को इमरान खान ने कम कीमतों को तोशाखाना से खरीदा और घर लेकर चले गए।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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