Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान में गहराए आर्थिक संकट के बीच लोग दाने-दाने को फिलहाल मोहताज हैं। आटा हो या दूध, दाल हो या फिर सब्जी...रोजमर्रा की बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। इस बीच, आम से लेकर खास हर किसी का बजट बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और ऐसी ही एक प्रभावित महिला ने कंगाली में आटा गीला होने से जुड़ी अपनी स्थिति को वीडियो बनाकर देश-दुनिया के सामने जाहिर किया है। उन्होंने इस क्लिप में जज्बाती होते हुए पूछा कि जिस तरीके से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़े, उससे वह क्या करें...क्या बच्चों को दूध और अंडा खिलाना बंद कर दें?
कराची की रहने वाली राबिया (दो बच्चों की मां) ने जज्बाती होते हुए अपने वीडियो में कहा था- मेरे बच्चे को गंभीर बीमारी (फीट्स कह सकते हैं) है। मैं किराए के घर में रहती हूं, जिसका किराया 20 हजार रुपए है। मैं जो घर का सामान लेकर आई हूं, उसमें आटा, चीनी, घी और दालें नहीं हैं। आप यह बिल देखें और समझें कि मैंने कोई फिजूलखर्ची नहीं की है। मैं बच्चों को क्या भूखा मार दूं?
उन्होंने आगे कहा- हमारे इलाके में बिजली नहीं आती, फिर भी मेरा बिजली का बिल है- 556 यूनिट्स। इसका बिल 15 हजार से अधिक है। बताइए कहां से भरूं? मकान किराया दूं, बिजली बिल भरूं या फिर सब्जी और अन्य सामान लाऊं या टैक्स चुकाऊं कि तुम लोगों की जेबें भर जाएं।
राबिया के मुताबिक, मैं शहबाज शरीफ और मरियम नवाज से पूछती हूं कि तुम लोगों को खुदा को खौफ नहीं है क्या...मरना नहीं है क्या, कब्र भूल चुके हो? तुम लोगों को कब्रों में भी जाना है। क्या तुम इन मासूमों के आसुंओं का हिसाब कब्र में पूछा नहीं जाएगा क्या कि तुम लोगों ने एक गरीब को मार दिया है। आखिर करें तो करें क्या...बच्चों को दूध पिलाना और अंडे खिलाना छोड़ दें क्या?
