Pakistan Economic Crisis: कंगाली और बदहाली के कगार पर खड़े पाकिस्तान में अब सरकारी कर्मचारियों की तनख्वाह पर कैंची चलाई जा सकती है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से गठित नेशनल ऑस्टैरिटी कमेटी (नैक) लगभग सभी सरकारी कर्मचारियों की 10 फीसदी सैलरी काटने पर विचार कर रही है। यह जानकारी बुधवार (25 जनवरी, 2023) को "दि न्यूज" की रिपोर्ट के हवाले से पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो टीवी की ओर से दी गई।
प्रस्तावों में मंत्रालयों/विभागों के खर्चों में 15 फीसदी की कटौती करने के साथ फेडरल मिनिस्टर्स, राज्य मंत्री और सलाहकारों की संख्या घटाकर 78 से 30 करने का प्रस्ताव रखा गया है, जबकि शेष लोग प्रो बोनो बेसिस पर काम करेंगे। बुधवार को इन सिफारिशों पर कमेटी अपना फाइनल फैसला लेगी, जिसके बाद कमेटी पीएम शहबाज शरीफ को रिपोर्ट भेजेगी।
सूत्रों ने इससे एक रोज पहले मंगलवार को यह पुष्ट किया, "नैक मंत्रियों, राज्य मंत्रियों, सलाहकारों और पीएम के स्पेशल एसिस्टेंट्स की संख्या को घटाकर सिर्फ 30 करने का प्रस्ताव कर रही है, जबकि जो लोग बचेंगे उन्हें सरकारी खजाने से मिलने वाले लाभ नहीं मिल पाएंगे (अगर जरूरत पड़ी तब)।"
भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान मौजूदा समय में आर्थिक मोर्चे पर बर्बादी के मुहाने पर खड़ा है। ऊपर से महंगाई की मार ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। आटा-दाल चावल से लेकर जरूरी सामान-चीजों के दाम जिस कदर से हाल-फिलहाल में बढ़े हैं, उन्होंने लोगों के बुरी तरह प्रभावित किया है।
वैसे, देश की अर्थव्यवस्था साल 2022 के पहले भी कोई बहुत अच्छी स्थिति में नहीं थी। देश में आई बाढ़ ने बड़े स्तर पर देश में हाहाकार मचाई थी। फ्लड्स की चपेट में आने से 1,739 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 3.3 करोड़ लोगों का जीवन प्रभावित हुआ था। हालांकि, अब देखना होगा कि पीएम के हालिया कदम (कटौती) से देश पर कितना सकारात्मक असर पड़ता है।
