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मुकेश अंबानी की दौलत के आगे कितना बौना है पाकिस्तान का सबसे अमीर आदमी, आटे–दाल के लिए मची मारामारी

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 1, 2023, 11:08 PM IST

Pakistan Richest Man: पाकिस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति शाहिद खान की नेटवर्थ 12.1 बिलियन डॉलर के करीब है। फोर्ब्स के अनुसार, वह दुनिया के अमीरों की सूची में 140वें नंबर पर आते हैं। वहीं मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 83.4 बिलियन डॉलर है। वह दुनिया के 13वें सबसे अमीर शख्स हैं।

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पाकिस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति शाहिद खान

Photo : AP

Richest Man in Pakistan: पाकिस्तान इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यहां की महंगाई दर छह दशकों में चरम पर पहुंच चुकी है। विशेषज्ञों ने आने वाले दिनों के लिए चेतावनी तक जारी की है। आलम यह है कि यहां लोगों के लिए आटा और दाल के लिए भी लाले हैं। सरकार की ओर से यहां खाद्य सामग्री जैसे- आटा, दाल, चावल, साबुन, तेल और चीनी बांटी जा रही है, जिसको लेने के लिए लोग एक-दूसरे को जान से मारने तक पर उतारू हैं।

सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिसमें खाद्य साम्रगी वितरण के दौरान हिंसा देखी गई है। इन सबके बीच आइए जानते हैं पाकिस्तान के सबसे अमीर आदमी शाहिद खान के बारे में। आखिर मुल्क पर इतने बड़े आर्थिक संकट के बीच उनकी दौलत कितनी है और वह भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी से कितना पीछे हैं...

पहले पाकिस्तान के मौजूदा हालात

पाकिस्तान के मौजूदा हालात सदी के सबसे खराब स्तर पर हैं। राजनीती के साथ-साथ मुल्क पर आर्थिक संकट छाया हुआ है। विदेशी मुद्रा भंडार खाली हो रहा है और महंगाई बढ़ती जा रही है। सरकार के पास बढ़ती महंगाई को रोकने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है और वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के सामने हाथ फैलाए खड़ा है। इन सबके बीच पाकिस्तान की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है।

पाकिस्तान के आर्थिक आंकड़े क्या कहते हैं

पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि मुल्क में मुद्रास्फीति छह दशकों में सबसे ज्यादा है। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने अपने मासिक आर्थिक अपडेट और आउटलुक में कहा है कि पिछले सप्ताह मुद्रास्फीति की अल्पावधि दर रिकॉर्ड 46.65 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) द्वारा दर्ज की गई मासिक मुद्रास्फीति फरवरी में 31.6 प्रतिशत पर पहुंच गई, यह छह दशकों में सबसे अधिक है। हालांकि, शुक्रवार को जारी नवीनतम रीडिंग में एसपीआई थोड़ा कम होकर 45.36 प्रतिशत पर आ गया है।

अब सबसे अमीर आदमी के बारे में जानिए

पाकिस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति का नाम शाहिद खान है। उनका जन्म 18 जुलाई 1950 में हुआ था। शाहिद खान फ्लेक्स-एन-गेट के मालिक हैं और जाने-माने कारोबारी और स्पोर्ट्स टाइकून भी हैं। वे नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के जैक्सनविले जगुआर और फुलहम के भी मालिक हैं। वह अपने बेटे टोनी खान के साथ अमेरिकी कुश्ती प्रचार ऑल एलीट रेसलिंग (AEW) के सह-मालिक भी हैं।

अंबानी के सामने कहां टिकते हैं शाहिद खान

दौलत की बात करें तो शाहिद खान, भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी के सामने कहीं नहीं टिकते हैं। फोर्ब्स के अनुसार, शाहिद खान की कुल नेटवर्थ 12.1 बिलियन है। जबकि, मुकेश अंबानी 83.4 बिलियन नेटवर्थ के साथ दुनिया के रईसों की सूची में 13वें नंबर पर हैं। वहीं गौतम अडानी की नेटवर्थ 44.3 बिलियन है। पाकिस्तान के सबसे अमीर व्यक्ति शाहिद खान दुनिया के अमीरों की सूची में 140वें नंबर पर आते हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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