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BRI-CPEC पर खतरा: पाक तालिबान के ऐलान से उड़ी Pak-China की नींद, TTP बलूचिस्तान में बनाएगा अपना नया राज्य

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Jun 23, 2023, 09:52 PM IST

चीनी इंजीनियरों को बलूच अलगाववादियों के हमलों का सामना करना पड़ा है और अब पाकिस्तान तालिबान के एक नए खतरे के रूप में उभरने से उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।

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Photo : ANI

Pak Taliban: पाकिस्तान तालिबान के नाम से पहचाने जाने वाले तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने अपने नए कदम से चीन और पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। टीटीपी ने पिछले हफ्ते चेतावनी दी थी कि वह बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में एक समानांतर प्रांत (shadow province)बनाने की अपनी योजना पर आगे बढ़ रहा है। इस खबर से न केवल पाकिस्तान सरकार का सिरदर्द बढ़ेगा बल्कि इससे बीजिंग में भी चिंता बढ़ने की संभावना है क्योंकि बलूचिस्तान बंदरगाह शहर ग्वादर का घर है। साथ ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की पसंदीदा परियोजना, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का भी केंद्र है।

चीन-पाक की उड़ेगी नींद

निक्केई एशिया ने एक रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान तालिबान के ऐसे कदम चीन और पाकिस्तान के लिए एक बड़ी समस्या बन जाएंगे। बीआरआई के तहत अरबों डॉलर की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को बहाल करते समय मुश्किलें आएंगी। चीनी इंजीनियरों को बलूच अलगाववादियों के हमलों का सामना करना पड़ा है और अब पाकिस्तान तालिबान के एक नए खतरे के रूप में उभरने से उन्हें अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है। आर्थिक कारणों से पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां परियोजनाओं में शामिल नहीं होने वाले चीनी नागरिकों और व्यवसाय चलाने वालों को सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम है।

'कलात-मकरान' प्रांत स्थापित करने की योजना

रिपोर्ट में कहा गया है कि टीटीपी अपना खुद का 'कलात-मकरान' प्रांत स्थापित करने की योजना बना रहा है और उस क्षेत्र में एक समानांतर सरकार बनाएगा। यदि यह छाया सरकार बनती है, तो यह 760 किलोमीटर की तटरेखा सहित 40% से अधिक बलूचिस्तान-क्षेत्र को कवर करेगी। टीटीपी ने हाल ही में उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस और तेल के उत्पादन सुविधा पर हमला किया और कम से कम छह पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों को मार डाला था।

बीआरआई और सीपीईसी पर असर

ग्वादर बंदरगाह बीआरआई के साथ-साथ चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का लक्ष्य सीपीईसी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करना है, लेकिन आर्थिक संकट और घटते विदेशी मुद्रा भंडार ने उनकी योजनाओं में बाधा पैदा की है। अब, बढ़ती टीटीपी और एक छाया प्रांत बनाने की उसकी योजना चीन और पाकिस्तान की योजनाओं को और नुकसान पहुंचाएगी और इससे शी जिनपिंग के नाराज होने की अधिक संभावना है। जिनपिंग ने कई मौकों पर बलूच विद्रोहियों द्वारा चीनी नागरिकों को निशाना बनाए जाने के बाद पाकिस्तान को अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्ती से कहा है। पिछले साल कराची विश्वविद्यालय पर हमले में तीन चीनी शिक्षाविदों की मौत हो गई थी। इस मामले ने खासा तूल पकड़ा था।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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