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आतंकियों के निशाने पर Pakistan के टॉप लीडर्स, TTP की हिट लिस्ट में नवाज शरीफ के बेटी और गृहमंत्री सनाउल्लाह

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 20, 2023, 04:01 PM IST

Pakistan News: आतंकी संगठन TTP ने जो हिट लिस्ट तैयार की है। उसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की शीर्ष नेता और नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का भी शामिल है। इसके अलावा देश के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह पर भी इस तरह के हमले हो सकते हैं।

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मरियम नवाज

Photo : ANI

Pakistan News: पाकिस्तान (Pakistan Crisis) इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रहा है। उसकी अर्थव्यवस्था का हाल पहले से ही पतला है। सियासी घमासान चरम पर है और मुल्क में गृह युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान की सरकार की टेंशन आतंकी संगठनों ने बढ़ा दी है। खबर है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने पाक सेना के बड़े अधिकारियों, खुफिया एजेंसियों और राजनेताओं पर हमले का ब्लूप्रिंट तैयार किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आतंकी संगठन TTP ने जो हिट लिस्ट तैयार की है। उसमें पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की शीर्ष नेता और नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज का भी शामिल है। इसके अलावा देश के गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह पर भी इस तरह के हमले हो सकते हैं। खबरों के मुताबिक, टीटीपी ने यह योजना अपने गुट जमात-उल-अहरार (JUA) के जरिए बनाई है।

वाहनों और चेक पोस्टों पर होंगे हमले

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आतंकी संगठनों ने खुफिया एजेंसियों के वाहनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के चेकपोस्टों पर हमला करने की योजना तैयार की है। कहा गया है कि आतंकवादियों के एक समूह ने जेयूए के नेता रफीउल्लाह के देखरेख में पंजाब राज्य में प्रवेश किया है। इस समूह में दो आत्मघाती हमलावर भी शामिल हैं। इस बीच खबर है कि टीटीपी कमांडर सरबकफ मोहमंद ने इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद देशव्यापी दंगों में हिस्सा लेने वालों की तारीफ की है।

इस साल बढ़ गए आतंकी हमले

बता दें, पाकिस्तान में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद मुल्क में आतंकी हमले काफी बढ़ गए हैं। ज्यादातर हमलों में पाकिस्तानी सेना और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज ने कहा कि 2023 की पहली तिमाही में आतंकवादी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में 850 से अधिक लोग मारे गए। यह 2022 में मारे गए या घायल लोगों की कुल संख्या का आधा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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