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Deaths in Mecca: भारत ही नहीं, सऊदी अरब में भी गर्मी का कहर, मक्का में 577 लोगों की मौत

हज रस्मों के लिए लोग भीषण गर्मी के दौरान लंबे समय तक बाहर रह रहे हैं। इसके कारण अधिकतर लोगों की मौत हो रही है। गर्मी का कहर कुछ ऐसा है कि कई तीर्थयात्रियों के शव सड़क के किनारे पड़े हुए दिखे।

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मक्का में सैकड़ों मौतें

Photo : AP

Hajj pilgrims die in Mecca: गर्मी का कहर सिर्फ भारत ही नहीं पूरी दुनिया में दिख रहा है। खासतौर पर सऊदी अरब में भीषण गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाया है और यहां सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। अरब राजनयिकों के अनुसार, इस साल मक्का में हज के दौरान गर्मी से पैदा हुई समस्याओं के कारण कम से कम 550 तीर्थयात्रियों की जान चली गई। सऊदी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को मक्का में ग्रैंड मस्जिद का तापमान 51.8 डिग्री सेल्सियस (125 फ़ारेनहाइट) तक पहुंच गया। मृतकों में अधिकांश मिस्र के निवासी थे, जिनमें से 323 लोग गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण मरे।

कुल 577 लोगों की मौत

एक राजनयिक ने कहा कि इनमें से सभी (मिस्रवासी) गर्मी के कारण मरे, सिर्फ एक को छोड़कर जो भीड़ की मामूली झड़प के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया था। मौतों का कुल आंकड़ा मक्का के अल-मुआइसेम इलाके में अस्पताल के मुर्दाघर से मिला। एएफपी के अनुसार, मिस्र के हताहतों के अलावा तीर्थयात्रा के दौरान कम से कम 60 जॉर्डनवासी भी मारे गए, जिससे कुल मौतों की संख्या 577 हो गई। राजनयिकों ने पुष्टि की कि मक्का के सबसे बड़े मुर्दाघरों में से एक अल-मुआइसेम मुर्दाघर में कुल 550 मौतें दर्ज की गईं।

गर्मी ने ली तीर्थयात्रियों की जान

सऊदी अधिकारियों ने गर्मी के कारण 2,000 से अधिक तीर्थयात्रियों का इलाज करने की सूचना दी है, लेकिन रविवार के बाद से मौतों पर आंकड़े या जानकारी प्रदान नहीं की है। सऊदी अधिकारियों द्वारा तीर्थयात्रियों को छाते का उपयोग करने, हाइड्रेटेड रहने और सबसे गर्म समय के दौरान सूरज के संपर्क से बचने की सलाह देने के बावजूद, हज रस्मों के लिए लोग दिन के दौरान लंबे समय तक बाहर रह रहे हैं। इसके कारण अधिकतर लोगों की मौत हो रही है। गर्मी का कहर कुछ ऐसा है कि कई तीर्थयात्रियों के शव सड़क के किनारे पड़े हुए दिखे।

18 लाख लोग हज करने पहुंचे

इस साल लगभग 1.8 मिलियन (18 लाख) तीर्थयात्रियों ने हज में भाग लिया, जिनमें से 1.6 मिलियन विदेश से आए थे। हालांकि, हर साल हजारों तीर्थयात्री पैसे बचाने के लिए आधिकारिक वीजा प्राप्त किए बिना हज करने की कोशिश करते हैं, जो अधिक खतरनाक है क्योंकि ऐसे में वे सऊदी अधिकारियों द्वारा प्रदान की जाने वाली वातानुकूलित सुविधाओं का लाभ नहीं उठा सकते।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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