नॉर्थ कोरिया एक बार फिर से दक्षिण कोरिया की सीमा पर अपने सैन्य पोस्टों पर सेना की तैनाती करने लगा है। जासूसी उपग्रह लॉन्च करने के बाद किम जोंग उन सीमा पर सेना और भारी हथियार तैनात करने लगे हैं। जासूसी सैटेलाइट को लेकर उत्तर कोरिया का दक्षिण कोरिया और अमेरिका के साथ तनाव बढ़ता दिख रहा है।
2018 में हुआ था समझौता
दक्षिण कोरिया की सेना ने सोमवार को कहा कि उत्तर कोरिया फ्रंट-लाइन गार्ड पोस्टों को बहाल कर रहा है, जिन्हें उसने सालों पहले बंद कर दिया था, नष्ट कर दिया था। बता दें कि 2018 में हुए समझौते के बाद दोनों कोरिया ने डिमिलिटराइज्ड जोन के अंदर मौजूद गार्ड चौकियों को नष्ट कर दिया था। लेकिन अब इस समझौते के ख़त्म होने का ख़तरा मंडरा रहा है क्योंकि दोनों कोरिया खुलेआम इसका उल्लंघन करने की धमकी दे रहे हैं।
दोनों ने बंद कर दिए थे पोस्ट
2018 के समझौते के अनुसार दोनों कोरिया को डीएमजेड के साथ स्थापित नो-फ्लाई और बफर जोन पर हवाई निगरानी और लाइव-फायर अभ्यास को रोकने के साथ-साथ अपने कुछ फ्रंट-लाइन गार्ड पोस्ट और लैंड माइंस को हटाने की बात हुई थी। इस सौदे के तहत दक्षिण कोरिया ने 50 गार्ड पोस्ट और उत्तर कोरिया को 150 पोस्टें छोड़ दी थीं।
समझौता पर अब सवाल
उत्तर कोरिया द्वारा 21 नवंबर को अपना पहला सैन्य जासूसी उपग्रह कक्षा में स्थापित करने का दावा करने के बाद, दक्षिण कोरिया ने कहा कि वह सौदे को आंशिक रूप से निलंबित कर देगा और प्रतिक्रिया में डीएमजेड के साथ हवाई निगरानी फिर से शुरू कर देगा। जिसके बाद अब उत्तर कोरिया की ओर से भी पलटवार होने लगा है। उत्तर कोरिया ने तुरंत दक्षिण कोरिया के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि वह जैसे को तैसा की स्थिति में सीमा पर शक्तिशाली हथियार तैनात करेगा। उत्तर ने कहा कि वह अब 2018 के समझौते का भी पालन नहीं करेगा।
