नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की सनक दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। किम जोंग को हथियारों की सनक ऐसी है कि पिछले एक सप्ताह के अंदर ही नॉर्थ कोरिया ने चार मिसाइल टेस्ट कर दिए हैं। इसमें कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का भी टेस्ट शामिल है। नॉर्थ कोरिया पहले ही परमाणु हथियार बना चुका है।
उत्तर कोरिया ने शनिवार तड़के दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जो जापान सागर में जाकर गिरीं। दरअसल इस समय साउथ कोरिया, जापान और अमेरिका के सैनिक युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इसे लेकर नॉर्थ कोरिया खफा है। जिसके कारण इस अभ्यास से पहले और बीच में भी नॉर्थ कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है। ये परीक्षण इसलिए भी खतरनाक माना जा रहा है, क्योंकि इस समय अमेरिका की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस साउथ कोरिया के दौरे पर हैं।
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि उसने प्योंगयांग के सुनन क्षेत्र से पूर्वी सागर में दागी गई दो छोटी दूरी की मिसाइलों का पता लगाया है। सियोल के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने एक बयान में कहा- "मिसाइलों ने 30 किमी की ऊंचाई पर लगभग 350 किमी (217 मील) की दूरी तय की है।"
नॉर्थ कोरिया के शासक किम जोंग उन, यूएन की उस पेशकश को ठुकरा चुके हैं। जिसमें यूएन ने नॉर्थ कोरिया को परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले में मदद की पेशकश की थी। इन परीक्षणों को लेकर रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि ये अमेरिका की मिसाइल रक्षा प्रणाली को मात देने के लिए विकसित की गईं हैं। साथ ही नॉर्थ कोरिया ने दक्षिण कोरिया में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों समेत अहम ठिकानों को निशाना बनाने के लिए इस्कंदर जैसी मिसाइलें विकसित की है।
एजेंसी इनपुट के साथ
