'कोई भी क्यूबा को नहीं बताएगा कि उसे क्या करना है'; तेल और पैसे की धमकी पर राष्ट्रपति डियाज-कैनेल की ट्रंप को दो टूक
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 12, 2026, 10:30 PM IST
अमेरिका दशकों से क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन के दौरान और कड़ा किया गया था। हाल के दिनों में ट्रंप ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर गहराता दिख रहा है।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर क्यूबा पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के करीबी सहयोगी क्यूबा से साफ कहा है कि वह देर होने से पहले कर समझौता कर ले। वरना उसे इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ट्रंप की इस चेतावनी पर अब क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप के बयान पर भड़के राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की राजनीतिक बातचीत नहीं चल रही है।
कोई भी क्यूबा को यह नहीं बताएगा कि उसे क्या करना है
इस पर क्यूबा के राष्ट्रपति ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कोई भी क्यूबा को यह नहीं बताएगा कि उसे क्या करना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका के साथ संबंध दुश्मनी, धमकी और आर्थिक दबाव के बजाय अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित होने चाहिए।
डियाज-कैनेल ने ट्रंप को दिया जवाब
डियाज-कैनेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “अमेरिकी सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है, केवल प्रवासन के क्षेत्र में तकनीकी स्तर के संपर्क हैं। उनकी यह प्रतिक्रिया उस बयान के बाद आई जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका द्वारा सत्ता से हटाए जाने के बाद क्यूबा के साथ बातचीत चल रही है।
ट्रंप ने क्यूबा को दी थी डील करने की धमकी
ट्रंप ने रविवार को क्यूबा से जल्द डील करने” का आग्रह करते हुए धमकी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे वेनेजुएला द्वारा क्यूबा को दी जा रही तेल और आर्थिक मदद पूरी तरह बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि 3 जनवरी को हुई तेज कार्रवाई में मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब क्यूबा पर दबाव और बढ़ाया जाएगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अब क्यूबा को न तो तेल मिलेगा और ना ही पैसा। मैं उन्हें कड़ी सलाह देता हूं कि बहुत देर होने से पहले डील कर लें। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किस तरह की डील की बात कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका दशकों से क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए है, जिन्हें ट्रंप प्रशासन के दौरान और कड़ा किया गया था। हाल के दिनों में ट्रंप ने क्यूबा पर दबाव बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर गहराता दिख रहा है।
क्यूबा से विवाद पुराना
क्यूबा और अमेरिका के रिश्ते 1959 की क्यूबाई क्रांति के बाद से तनावपूर्ण रहे हैं। अमेरिका ने क्यूबा पर लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिनका उद्देश्य वहां की कम्युनिस्ट सरकार पर दबाव बनाना रहा है। हालिया घटनाक्रम में वेनेजुएला संकट के बाद अमेरिका ने क्यूबा पर नए सिरे से आरोप लगाए हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया कि क्यूबा, वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था में शामिल था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी क्यूबा की अर्थव्यवस्था के और कमजोर होने की चेतावनी दी है। इससे दोनों देशों के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। क्यूबा सरकार ने आरोप लगाया है कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के दौरान उसके 32 अधिकारी मारे गए। बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्यूबाई अधिकारी वेनेजुएला में किस अभियान में थे। क्यूबा, वेनेजुएला का सहयोगी देश है और वर्षों से वहां अभियानों में सहायता के लिए अपने सैन्य और पुलिस बल भेजता रहा है। ट्रंप ने कहा कि मादुरो के हटने से क्यूबा की अर्थव्यवस्था और कमजोर होगी, क्योंकि उसे अब सस्ती वेनेजुएला तेल आपूर्ति नहीं मिल पाएगी।