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1 लाख बन गए ₹46.6 लाख! इस म्यूचुअल फंड का रिटर्न देखकर उड़ जाएंगे आपके होश

ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड ने अपने 22 साल के सफर में निवेशकों को बंपर रिटर्न दिया है। इसमें शुरुआत में लगाया गया ₹1 लाख का निवेश बढ़कर ₹46.6 लाख हो चुका है।

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इस म्यूचुअल फंड का रिटर्न देखकर उड़ जाएंगे आपके होश

इस फंड का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप) और सेक्टरों में ऐसी मजबूत कंपनियों की पहचान करना है, जो अपनी वास्तविक कीमत यानी इंट्रिन्सिक वैल्यू (Intrinsic Value) से कम दाम पर कारोबार कर रही हों। पिछले दो दशकों से अधिक के समय में भारतीय शेयर बाजार ने कई बड़े उतार-चढ़ाव, गिरावट और तेज रिकवरी के दौर देखे हैं, लेकिन इस स्कीम ने हमेशा एक अनुशासित, डायवर्सिफाइड और वैल्यू-ओरिएंटेड दृष्टिकोण अपनाकर निवेशकों की संपत्ति में लंबी अवधि में जबरदस्त इजाफा किया है।

1 लाख का निवेश बना 46 लाख

अगर रिटर्न के आंकड़ों पर नजर डालें, तो फंड की शुरुआत में किया गया ₹1 लाख का एकमुश्त (Lumpsum) निवेश 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर लगभग ₹46.6 लाख हो चुका है। यह 19.11% की शानदार कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) को दर्शाता है। इसकी तुलना में अगर किसी निवेशक ने उसी समय Nifty 50 TRI में ₹1 लाख लगाए होते, तो वह राशि बढ़कर केवल ₹20.1 लाख (14.63% CAGR) ही हो पाती। कम अवधि यानी 3 साल और 5 साल में भी इस फंड ने क्रमशः 13.44% और 16.05% का CAGR रिटर्न दिया है, जो इसके बेंचमार्क (Nifty 500 TRI) के 12.29% और 11.85% के रिटर्न से कहीं अधिक है।

एकमुश्त निवेश पर मिला बंपर रिटर्न

एकमुश्त निवेश के साथ-साथ एसआईपी (SIP) कराने वाले निवेशकों को भी इस फंड ने मालामाल किया है। योजना की शुरुआत से लगातार ₹10,000 की मासिक एसआईपी करने वाले निवेशकों का कुल निवेश ₹26.4 लाख का था, जो 17.04% CAGR की दर से बढ़कर आज ₹2.37 करोड़ का भारी-भरकम फंड बन चुका है। इसी अवधि में निफ्टी 50 TRI में किया गया यही एसआईपी निवेश केवल 12.30% CAGR रिटर्न दे पाया। रिस्क-एडजस्टेड मानकों पर भी फंड का प्रदर्शन काफी संतुलित रहा है, जिसका स्टैंडर्ड डेविएशन 12.72% और शार्प रेश्यो 0.63 दर्ज किया गया।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैल्यू इन्वेस्टिंग को कभी भी 1-2 साल के छोटे नजरिए से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सस्ते वैल्युएशन पर खरीदे गए शेयरों को अपनी सही कीमत हासिल करने में थोड़ा समय लगता है। यह स्कीम बेहद लचीले तरीके से मैनेज की जाती है और वर्तमान बाजार स्थितियों को देखते हुए फंड का झुकाव लार्ज-कैप शेयरों की ओर अधिक है। संकरन नरेन, धर्मेश कक्कड़ और मासूमी झुरमरवाला द्वारा संयुक्त रूप से प्रबंधित इस पोर्टफोलियो का 93.31% हिस्सा इक्विटी में है, जिसमें सबसे ज्यादा 38.10% निवेश फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में किया गया है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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