Nepal General Election: नेपाल में हुए आम चुनाव के बाद आज वोटों की गिनती चल रही है। 165 सीटों पर हुए चुनाव पर गिनती जारी है। बता दें कि वहां बैलेट पेपर से चुनाव होते हैं तो मतपेटियों को इकट्ठा करके मतगणना करने में समय गलता है। रुझानों में बालेन शाह की अगुवाई वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी जबरदस्त जीत को ओर आगे बढ़ रही है। आरएसपी पार्टी समर्थकों का कहना है कि उनकी पार्टी को संसद में दो-तिहाई बहुमत मिला है, जिसके बाद देश के कई हिस्सों में जश्न का माहौल देखने को मिला।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल की राजनीति में यह परिणाम बड़ा बदलाव माना जा रहा है। युवाओं के बीच लोकप्रिय बालेन शाह की पार्टी ने पारंपरिक दलों को कड़ी टक्कर दी और कई सीटों पर बढ़त बनाई।
जीत की ओर बढ़ रही बालेंद्र शाह की पार्टी
बता दें कि आरएसपी 95 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की उम्मीदवार रंजू नेउपाने ने काठमांडू-1 संसदीय सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने नेपाली कांग्रेस के प्रत्याशी प्रबल थापा को हराया है। नेउपाने को 15,455 वोट मिले, जबकि थापा को 6,364 वोट मिले।
दूसरे पार्टियों की बात करें तो नेपाली कांग्रेस सिर्फ 10 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी सिर्फ 9 सीटों पर और CPN-UML 7 सीटों पर आगे चल रही है।
क्या बालेंद्र शाह बनेंगे नेपाल के अगले प्रधानमंत्री?
रैपर और काठमांडू के मेयर रह चुके बालेंद्र शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी , सरकार बनाने की ओर अग्रसर हैं। काठमांडू के मेयर पद पर से इस्तीफा देने के बाद बालेंद्र शाह ने काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी को जॉइन किया था। बालेंद्र शाह को बालेन शाह भी कहा जाता है। उम्मीद जताई जा रही है कि राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी को बहुमत मिलने के बाद बालेंद्र शाह को नेपाल का प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है।
जेन जी आंदोलन के दौरान उन्होंने देश की सरकार में पारदर्शिता लाएंगे। बालेंद्र शाह युवाओं के बीच इस कदर प्रचलित हैं, कि उनके ज्यादातर सोशल मीडिया पोस्ट तुरंत वायरल होने लगते हैं।
नाम साल 2023 में टाइम मैगजीन में छप चुका है। मैगजीन ने उन्हें Time 100 Next शख्सियतों की सूची में शामिल किया था। यही नहीं, द न्यू यॉर्क टाइम्स जैसे अखबारों ने भी उन्हें अपने पन्नों पर जगह दी है।
बालेंद्र शाह का क्या है भारत कनेक्शन?
उन्होंने कर्नाटक में विश्वसराया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में Mtech की डिग्री ली है। इसके अलावा उनका संबंध भारत से ढूंढ़ेंगे तो वह बॉलीवुड फिल्म 'आदिपुरुष' से जुड़ता है। साल 2023 में जब यह फिल्म रिलीज हुई तो काठमांडू के मेयर बालेन शाह को फिल्म के कुछ डायलॉग्स को लेकर आपत्ति थी। उन्होंने इन डायलॉग्स को फिल्म से हटाने की मांग की।
जेन जी विद्रोह और सत्ता परिवर्तन की कहानी
नेपाल में राजनेताओं के बच्चों की कथित ऐशो-आराम भरी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर #Nepokid ट्रेंड शुरू हुआ, जिसने धीरे-धीरे बड़े विरोध का रूप ले लिया। इस ट्रेंड के जरिए युवाओं ने सत्ता से जुड़े परिवारों के विशेषाधिकारों और राजनीतिक वंशवाद पर सवाल उठाए। बढ़ते विरोध को देखते हुए सरकार ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर सख्ती करते हुए कई प्लेटफॉर्म्स पर पाबंदी लगा दी।
सरकार के इस कदम से युवाओं में और ज्यादा नाराजगी फैल गई और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। इसे दुनिया का पहला “Gen-Z आंदोलन” कहा जाने लगा, क्योंकि इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल थे। प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण थे, लेकिन सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद हालात बिगड़ गए। पुलिस की कार्रवाई में 19 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। इनमें से 18 प्रदर्शनकारियों की मौत केवल राजधानी काठमांडू में हुई थी।
इस पूरे आंदोलन को काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने समर्थन दिया। हालांकि उन्होंने खुद इसमें शामिल नहीं होने की बात कही, क्योंकि आंदोलन के आयोजकों ने प्रतिभागियों के लिए एक निश्चित आयु सीमा तय की थी। बालेन शाह ने फेसबुक पोस्ट के जरिए कहा कि वे उस आयु सीमा में नहीं आते, इसलिए व्यक्तिगत रूप से आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकते, लेकिन युवाओं की आवाज और उनकी मांगों का समर्थन करते हैं।
