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NATO की बेचैनी बढ़ा रहे पुतिन, अब एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में दिखे 3 रूसी फाइटर जेट

Estonian airspace : यूरोप के उत्तरी देश एस्टोनिया में रूसी फाइटर जेट्स इंटरसेप्ट हुए हैं। सीएनएन ने एस्टोनिया के विदेश मंत्री एवं नाटो के एक प्रवक्ता के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में कहा है कि शुक्रवार को गल्फ ऑफ फिनलैंड के ऊपर से एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए रूस के तीन फाइटर जेट को इंटरसेप्ट किया गया।

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एस्टोनिया में देखे गए रूसी फाइटर जेट। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Estonian airspace : यूरोप के उत्तरी देश एस्टोनिया में रूसी फाइटर जेट्स इंटरसेप्ट हुए हैं। सीएनएन ने एस्टोनिया के विदेश मंत्री एवं नाटो के एक प्रवक्ता के हवाले से यह रिपोर्ट दी है। इस रिपोर्ट में कहा है कि शुक्रवार को गल्फ ऑफ फिनलैंड के ऊपर से एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए रूस के तीन फाइटर जेट को इंटरसेप्ट किया गया।

एस्टोनिया की वायु सीमा में दाखिल हुए रूस के मिग-31 जेट

रिपोर्ट के मुताबिक नाटो अलायड कमांड ऑपरेशन मुख्यालय ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि बिना मंजूरी के तीन रूस के तीन मिग-31 जेट एस्टोनिया की वायु सीमा में दाखिल हुए और वहां वे करीब 12 मिनट तक रहे। यह देखकर नाटो के इस्टर्न सेंट्री ऑपरेशन के तहत एस्टोनिया में तैनात इटली एफ-35 ने स्वीडन एवं फिनलैंड के फाइटर जेट के साथ मिलकर इस घुसपैठ का जवाब दिया।

नाटो महासचिव ने जवाबी कार्रवाई की प्रशंसा की

एस्टोनिया के प्रधानमंत्री क्रिसेन मिचाई ने कहा कि रूसी के फाइटर जेट्स को अंतत: 'भागने के लिए मजबूर' होना पड़ा। वहीं, नाटो के महासचिव मार्क रूट ने नाटो के इस एक्शन की प्रशंसा की। उन्होंने इस जवाब को 'त्वरित एवं निर्णायक' बताया।

पोलैंड की वायु सीमा में दिख चुके हैं रूसी ड्रोन

इसी महीने रूस के ड्रोन पोलैंड के ऊपर देखे गए। अब यह दूसरी बार है जब रूस ने नाटो के किसी दूसरे देश के हवाई क्षेत्र का कथित रूप से उल्लंघन किया है। कुछ दिनों पहले पोलैंड के आकाश में कई ड्रोन दिखे, जिसे लड़ाकू विमानों ने मार गिराया। ड्रोन के मलबे से कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। पोलैंड का आरोप है कि यह ड्रोन रूस के थे। हालांकि, रूस ने पोलैंड के दावे को खारिज कर दिया। इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "लो, शुरू हो गया! रूस ड्रोन के जरिए पोलैंड के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन क्यों कर रहा है?"

पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने चेतावनी दी थी

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही पोलैंड के राष्ट्रपति करोल नवरोकी ने चेतावनी दी थी कि रूस हमारे देश पर हमला करने की कोशिश कर सकता है। उन्होंने आगे कहा था, "हमें व्लादिमीर पुतिन के अच्छे इरादों पर भरोसा नहीं है।" एएफपी के अनुसार, यह टिप्पणी फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ हेलसिंकी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई थी।"

अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श करेगा एस्टोनिया

घटना के बाद, एस्टोनिया ने NATO के अनुच्छेद 4 के तहत परामर्श की मांग की। मिखाल ने इस उल्लंघन को "पूरी तरह अस्वीकार्य" कहा। NATO की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने पुष्टि की कि नॉर्थ अटलांटिक काउंसिल अगले हफ्ते की शुरुआत में इस मामले पर विस्तार से चर्चा करने के लिए बैठक करेगी। अनुच्छेद 4 किसी भी NATO सदस्य को यह अधिकार देता है कि जब उसकी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा खतरे में हो तो वह परिषद में चिंता उठा सकता है। सीएनएन के अनुसार, पिछले हफ्ते पोलैंड ने भी इसी तरह की परामर्श प्रक्रिया शुरू की थी, जब रूसी ड्रोन और लड़ाकू विमान उसकी हवाई सीमा में घुस आए थे।

'पहले भी हवाई सीमा का उल्लंघन कर चुका है रूस'

एस्टोनियाई विदेश मंत्रालय ने इस उल्लंघन के बाद रूस के चार्ज द’अफेयर्स को तलब किया। कुछ घंटे बाद, पोलैंड की बॉर्डर गार्ड ने रिपोर्ट दी कि दो रूसी लड़ाकू विमानों ने पोलिश कंपनी पेट्रोबाल्टिक के स्वामित्व वाले बाल्टिक सागर तेल प्लेटफ़ॉर्म के ऊपर "नीची उड़ान" भरी। बॉर्डर गार्ड ने कहा, “पोलिश सुरक्षा एजेंसियाँ लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं।” ये घटनाएं हाल के दिनों में रूसी लड़ाकू विमानों और ड्रोन द्वारा NATO सदस्य देशों की हवाई सीमाओं के उल्लंघनों की कड़ी में नवीनतम हैं। एस्टोनिया के विदेश मंत्री मारगस त्साह्कना ने सीएनएन को बताया, “रूस इस साल पहले ही चार बार एस्टोनिया की हवाई सीमा का उल्लंघन कर चुका है, जो अस्वीकार्य है। लेकिन आज की घुसपैठ, जिसमें तीन लड़ाकू विमान शामिल थे, बेहद दुस्साहसी थी।”

एस्टोनियाई समकक्ष से बातचीत की

त्साह्कना ने आगे कहा, “रूस की बढ़ती सीमा-परीक्षण गतिविधियाँ और आक्रामकता का जवाब राजनीतिक और आर्थिक दबाव को तेज़ी से बढ़ाकर दिया जाना चाहिए।” रोमानिया की विदेश मंत्री ओआना टोयू ने सीएनएन को बताया कि उन्होंने इस घटना को लेकर अपने एस्तोनियाई समकक्ष से बातचीत की। उन्होंने कहा, “हम साफ़ हैं कि यह अस्वीकार्य है। रूस NATO की एकजुटता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन नतीजा इसका उल्टा हो रहा है।”

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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