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'पृथ्वी से 260 मील ऊपर वाली दीपावली...' सुनीता विलियम्स ने ISS से दी दुनिया को शुभकामनाएं

Astronaut Sunita Williams: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्य ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से दीपावली की शुभकामनाएं भेजी हैं। एक वीडियो मैसेज में उन्होंने कहा, इस साल मेरे पास पृथ्वी से 260 मील ऊपर से दिवाली मनाने का अनूठा अवसर है।

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सुनीता विलियम्स ने दी दीपावली की शुभकामनाएं।

Astronaut Sunita Williams: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्य ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से दीपावली की शुभकामनाएं भेजी हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए व्हाइट हाउस व दुनियाभर के लोगों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। व्हाइट हादस में हुए दीपावली समारोह में सुनीता विलियम्स का यह वीडियो संदेश चलाया गया। उन्होंने कहा, इस साल मेरे पास पृथ्वी से 260 मील ऊपर से दिवाली मनाने का अनूठा अवसर है।

सुनीता विलियम्स ने कहा, आईएसएस (ISS) की ओर से दिवाली की शुभकामनाएं। मैं व्हाइट हाउस और दुनिया भर में आज मना रहे सभी लोगों को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं देना चाहती हूं। इस साल मेरे पास पृथ्वी से 260 मील ऊपर से दिवाली मनाने का अनूठा अवसर है। मेरे पिता ने हमें दिवाली और अन्य भारतीय त्योहारों के बारे में सिखाकर अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बनाए रखा। दिवाली खुशी का समय है, क्योंकि दुनिया में अच्छाई कायम है। विलियम्स ने दिवाली उत्सव में भाग लेने और समुदाय के योगदान को मान्यता देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस का भी आभार व्यक्त किया।

पांच महीने से अंतरिक्ष में फंसी हैं सुनीता विलियम्स

बता दें, सुनीता विलियम्स पिछले पांच महीने से अंतरिक्ष में ही फंसी हुई हैं। वह अपने साथी अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ जून से ही ISS पर हैं। अंतरिक्ष यात्रियों की यह जोड़ो 5 जून को बोइंग के स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान पर सवार होकर अपनी पहली चालक दल की उड़ान के लिए रवाना हुई थी, जो 6 जून को अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंची थी।

बिना अंतरिक्ष यात्रियों के लौटा था स्टारलाइनर

बता दें, स्टारलाइनर में तकनीकी समस्या के कारण को उसके चालक दल के बिना पृथ्वी पर वापस लाने का निर्णय लिया गया था। अंतरिक्ष यान 6 सितंबर को सफलतापूर्वक वापस लौट आया। NASA ने कहा था कि विल्मोर और विलियम्स को वापस पृथ्वी पर लाना बहुत जोखिम भरा था। विल्मोर और विलियम्स ने अभियान के हिस्से के रूप में औपचारिक रूप से अपना काम जारी रखा और अगले साल फरवरी में वापस आएंगे।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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