Trump on US-China Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के साथ बेहतर संबंधों की ओर संकेत देते हुए शांति और सफलता की उम्मीद जताई है। ट्रंप ने पोस्ट किया, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मेरी G2 बैठक हमारे दोनों देशों के लिए बहुत अच्छी रही। यह बैठक स्थायी शांति और सफलता की ओर ले जाएगी। ईश्वर चीन और अमेरिका दोनों का भला करे।
पीट हेगसेथ ने की चीनी रक्षा मंत्री से अहम मुलाकात
वहीं, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी चीन अमेरिका संबंधों को लेकर नई उम्मीदें जताईं। हेगसेथ ने ट्वीट किया, मैंने अभी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की, और हम इस बात पर सहमत हैं कि अमेरिका और चीन के बीच संबंध पहले कभी इतने अच्छे नहीं रहे। दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति ट्रंप की चेयरमैन शी जिनपिंग के साथ ऐतिहासिक मुलाकात के बाद, मलेशिया में मेरी अपने समकक्ष चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ भी उतनी ही सकारात्मक मुलाकात हुई। और कल रात हमने फिर बात की। एडमिरल और मैं इस बात पर सहमत हैं कि शांति, स्थिरता और अच्छे संबंध हमारे दो महान और मजबूत देशों के लिए सबसे अच्छा रास्ता हैं। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, उनकी ऐतिहासिक "जी2 बैठक" ने अमेरिका और चीन के लिए चिरस्थायी शांति और सफलता का मार्ग प्रशस्त किया। युद्ध विभाग भी यही करेगा - शक्ति, आपसी सम्मान और सकारात्मक संबंधों के माध्यम से शांति। एडमिरल डोंग और मैं इस बात पर भी सहमत हुए कि हमें किसी भी उत्पन्न होने वाली समस्या को कम करने और तनाव कम करने के लिए सैन्य-से-सैन्य चैनल स्थापित करने चाहिए। इस विषय पर हमारी जल्द ही और बैठकें होने वाली हैं। ईश्वर चीन और अमेरिका दोनों का भला करे!
ट्रंप-जिनपिंग मुलाकात
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अक्तूबर को दक्षिण कोरिया के बुसान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। यह बैठक दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेताओं के लिए शुल्क को लेकर जारी तनाव को कम करने का एक बड़ा अवसर साबित हुई। व्हाइट हाउस में दूसरे कार्यकाल के लिए वापसी के बाद से ट्रंप ने आक्रामक रूप से टैरिफ लगाए और इसके जवाब में चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों के निर्यात पर प्रतिबंध लगाए, जिसके मद्देनजर यह बैठक जरूरी हो गई थी। दोनों देश यह मानते हैं कि कोई भी पक्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने का जोखिम नहीं उठाना चाहता क्योंकि इसका असर उनके अपने आर्थिक हितों पर पड़ेगा। बैठक के बाद अमेरिका ने चीन पर टैरिफ में भारी कमी कर दी थी, वहीं चीन ने भी कई मुद्दों पर अपना रुख नरम किया था।
