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नेपाल बाढ़: लापता लोगों की तलाश के लिए मुहिम, पीड़ित परिवारों की मदद के लिए युवाओं ने शुरू किया संचार मदद केंद्र

वे उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके फोन बाढ़ में खो गए हैं या जिनके फोन की बैटरी खत्म हो गई है और वे अपने प्रियजनों के बारे में अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। काठमांडू के 27 वर्षीय रोशन और 24 वर्षीय शुगम इस पहल में शामिल युवाओं में से हैं।

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नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई प्राकृतिक आपदा।

Photo : ANI

Nepal Flood: नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं। नेपाल सरकार इन लापता लोगों को तलाश करने के लिए अपने स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य तो चला रही है। अपनों की तलाश कर रहे पीड़ित परिवारों की मदद के लिए स्थानीय युवक सामने आए हैं। बिदूर में स्वयंसेवी युवाओं के एक समूह ने एक ऐसी ही मुहिम शुरू की है जो लापता लोगों की तलाश में मददगार साबित हो सकता है। समाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक इन युवकों ने एक छोटे संचार हेल्प प्वाइंट की शुरुआत की है जहां अपनों की तलाश करने वाले पीड़ित लोग अपने मोबाइल फोन चार्ज कर सकते हैं। यही नहीं युवकों ने करीब 10 की-पैड फोन्स और बैटरीज और सोलर बैटरीज से चार्ज होने वाले उपकरणों की व्यवस्था की है।

बाढ़ में खो गए बहुत सारे लोगों के फोन

रिपोर्ट के मुताबिक वे उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जिनके फोन बाढ़ में खो गए हैं या जिनके फोन की बैटरी खत्म हो गई है और वे अपने प्रियजनों के बारे में अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। काठमांडू के 27 वर्षीय रोशन और 24 वर्षीय शुगम इस पहल में शामिल युवाओं में से हैं। स्वयंसेवकों ने बताया कि वे अब तक कई ऐसे लोगों की मदद कर चुके हैं, जो अपने लापता रिश्तेदारों की तलाश में बिदुर पहुंचे थे।

15 करोड़ रुपये देने का संकल्प

नेपाल में आई बाढ़ को लेकर सीजी कॉर्प ग्लोबल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. वरुण चौधरी ने एएनआई से कहा, 'मौतों की संख्या और लापता लोगों की संख्या को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे बेहद दुखद हैं... हमारे फाउंडेशन और बैंक ने राहत सामग्री, अस्थायी घरों और स्कूलों के निर्माण के लिए अपनी ओर से 15 करोड़ रुपये देने का संकल्प लिया है।'

भारतीय मदद की सराहना

मुश्किल की इस घड़ी में नेपाल को भारत की मदद की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा की तरह सबसे पहले प्रतिक्रिया दी। चाहे वह भूकंप हो, कोविड हो या मौजूदा स्थिति—भारत ने सबसे पहले मदद पहुंचाई। हमने चार विमान देखे, जो करीब 70 टन राहत सामग्री लेकर यहां पहुंचे। हमने सुरंग विशेषज्ञों को भी यहां आते देखा, जिन्होंने लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। भारत से जिस तरह का समर्थन मिल रहा है, उसे देखकर बहुत खुशी हो रही है। यह एक बार फिर साबित करता है कि दोनों देशों के बीच कितने मजबूत संबंध हैं।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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