Nepal Flash Flood: नेपाल की स्वास्थ्य मंत्री निशा मेहता ने बुधवार को कहा कि बाढ़ में मारे गए लोगों की डीएनए जांच, प्रयोगशाला बनाने सहित शवों की देख-रेख एवं प्रबंधन में भारत उनकी देश की मदद कर रहा है। मंत्री ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच करीबी संबंध हैं और अच्छे और बुरे दोनों समय में दिल्ली हमेशा काठमांडू के साथ खड़ा रहता आया है। समाचार एजेंसी ANI के साथ बातचीत में मेहता ने कहा, 'हमारे देश का भारत के साथ 'रोटी-बेटी' का रिश्ता रहा है। इसलिए अच्छे एवं बुरे वक्त दोनों में भारत हमारे साथ रहा है।'
'भारत के साथ हमारा पारिवारिक रिश्ता'
मंत्री ने कहा कि 'भारत के लोग हमारे भाई-बहन की तरह हैं। उनके साथ हमारा पारिवारिक रिश्ता है। हम अगर पीड़ा में हैं तो जाहिर है यह पीड़ा उन्हें भी महसूस होगी। भारत ने हमेशा हमें यह महसूस कराया है कि वे हमारे साथ है। वहां के लोग केवल हमारे अच्छे समय में ही नहीं बल्कि हमारे बुरे वक्त में भी हमारे साथ रहे हैं।' मेहता ने कहा कि सबसे बड़ा मुद्दा शवों के प्रबंधन की है और इसे देखते हुए डीएनए की जांच के लिए भारत से एक्सपर्ट यहां पहुंचे हैं।
WHO-यूनिसेफ की संस्थाएं भी मौजूद
मेहता ने यह भी बताया कि बचाए गए लोगों को होल्डिंग सेंटरों में रखा जा रहा है, जहां उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश भी नेपाल के बचाव अभियान में मदद कर रहे हैं और विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। मेहता ने आगे कहा, 'हमारे पास कुछ होल्डिंग सेंटर हैं, जहां बचाए गए लोगों को रखा गया है। साथ ही, हम उनके स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों का भी अच्छी तरह ध्यान रख रहे हैं। हमारे पड़ोसी देश भी हमारी मदद के लिए आगे आए हैं। वे यहां बचाव कार्यों में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। वे राहत और बचाव अभियानों में मदद करने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार की सहायता भी उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं, WHO और UNICEF जैसी कुछ संस्थाएं भी जमीन पर मौजूद हैं और मिलकर काम कर रही हैं। हम सभी यहां हैं और अपनी पूरी कोशिश कर रहे हैं।'
मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 1,127
नेपाल पुलिस के अनुसार, बुधवार को नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,127 हो गई। नेपाल पुलिस ने बताया कि रसुवा से 45, नुवाकोट से 155, धादिंग से 59, चितवन से 348, गोरखा से 66, तनहूं से 38, नवलपरासी ईस्ट से 217, नवलपरासी वेस्ट से 190 और भारत में 9 शव बरामद किए गए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार, बरामद शवों में से अब तक पहचान के बाद केवल 95 शव उनके परिवारों को सौंपे गए हैं।
