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MQ-25 Stingray: हवा में ईंधन भरने वाला 'फ्लाइंग टैंकर' ड्रोन, अब एयरक्राफ्ट कैरियर से भरेगा उड़ान

MQ-25 Stingray दुनिया का पहला ऑपरेशनल ड्रोन है जो एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरकर हवा में लड़ाकू विमानों को ईंधन देता है। जानिए इसकी ताकत, तकनीक और महत्व।

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MQ-25 Stingray: हवा में ईंधन भरने वाला 'फ्लाइंग टैंकर' ड्रोन, अब एयरक्राफ्ट कैरियर से भरेगा उड़ान (Photo- Boeing)

आधुनिक युद्ध अब सिर्फ जमीन या समुद्र तक सीमित नहीं है। आसमान में भी टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। इसी बदलाव का बड़ा उदाहरण है MQ-25 Stingray, एक ऐसा मानवरहित ड्रोन जो हवा में ही लड़ाकू विमानों को ईंधन देने में सक्षम है। इसे अमेरिकी नौसेना के लिए खास तौर पर तैयार किया गया है और यह आने वाले समय में युद्ध रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है।

क्या है MQ-25 Stingray?

MQ-25 Stingray एक एडवांस्ड मानवरहित विमान (UAV) है जिसे खासतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है।

पंखों का फैलाव: लगभग 75 फीट

लंबाई: करीब 51 फीट

इंजन: Rolls-Royce AE 3007N टर्बोफैन

यह दुनिया का पहला ऐसा ऑपरेशनल ड्रोन है जो सीधे विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) से उड़ान भरकर मिशन पूरा कर सकता है।

'फ्लाइंग टैंकर' क्यों कहा जाता है?

MQ-25 का सबसे अहम काम है हवा में ईंधन भरना (Aerial Refueling)

-यह हजारों पाउंड ईंधन लेकर उड़ान भरता है।

-हवा में ही F/A-18 Super Hornet और F-35C जैसे फाइटर जेट्स को फ्यूल देता है।

-इससे लड़ाकू विमान ज्यादा दूरी तक मिशन पूरा कर सकते हैं।

आसान भाषा में में कहें तो यह एक 'उड़ता हुआ पेट्रोल पंप' है।

एयरक्राफ्ट कैरियर से ऑपरेशन की खासियत

इस ड्रोन को खासतौर पर इस तरह डिजाइन किया गया है कि छोटे डेक से आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सके। साथ ही समुद्र में चलते जहाज पर भी सुरक्षित उतर सके और इससे पूरी प्रक्रिया काफी हद तक ऑटोनॉमस हो।

टेक्नोलॉजी और AI की ताकत

MQ-25 सिर्फ एक ड्रोन नहीं, बल्कि एक स्मार्ट सिस्टम है:

-इसमें ऑटोनॉमस नेविगेशन सिस्टम है।

-AI और मशीन लर्निंग के जरिए यह खुद फैसले ले सकता है।

-यह तय कर सकता है कि किस विमान को पहले ईंधन देना है।

इसके अलावा ये जासूसी करने के लिए खास है और मल्टी-रोल क्षमताओं के साथ बनाया गया है। इसमें कैमरे और सेंसर लगाए जा सकते हैं। यह निगरानी (Surveillance) और टोही (Reconnaissance) मिशन कर सकता है। दुश्मन के कम्युनिकेशन सिस्टम को बाधित करने में भी इसका इस्तेमाल हो सकता है।

अमेरिकी नौसेना और Boeing ने 27 अप्रैल 2026 को MQ-25A Stingray की अहम परीक्षण उड़ान पूरी की। इस दौरान इसने कई कैरियर-आधारित विमानों को हवा में सफलतापूर्वक ईंधन दिया, जो इसे एक गेम-चेंजर टेक्नोलॉजी बनाता है।

अमेरिका के लिए क्यों है जरूरी?

आज के दौर में चीन और रूस जैसे देश लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहे हैं। ऐसे में एयरक्राफ्ट कैरियर को खतरे से दूर रखना पड़ता है। लेकिन दूरी बढ़ने से फाइटर जेट्स की रेंज कम हो जाती है। तो यह ड्रोन इस समस्या का हल है। वहीं, MQ-25 Stingray सिर्फ एक ड्रोन नहीं, बल्कि भविष्य की युद्ध रणनीति का अहम हिस्सा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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