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युद्धविराम से ईरान को कोई मतलब नहीं, दाग दी मिसाइल? इजराइल-UAE में बज उठे सायरन

US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है। सीजफायर की घोषणा के बाद भी इजराइल और UAE में मिसाइल हमले के सायरन बज रहे हैं।

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इजराइल पर ईरान की दागी हुई मिसाइल (फाइल फोटो- AP)

US Iran Ceasefire: एक और अमेरिका ने युद्धविराम की घोषणा कि है तो दूसरी पश्चिम एशिया में मिसाइल हमलों के खतरे के सायरन बज रहे हैं। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बीच एक बार फिर हालात चिंताजनक हो गए हैं। इजराइल और United Arab Emirates (UAE) में बुधवार तड़के मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे। यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब ईरान और अमेरिका ने हाल ही में दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति जताई है। हालांकि शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इन मिसाइल अलर्ट का निशाना क्या था या किस स्थान को लक्ष्य बनाया गया था। युद्ध के दौरान इजराइल और यूएई दोनों ही देश मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुख्य केंद्र रहे हैं, इसलिए किसी भी नए अलर्ट को गंभीरता से देखा जा रहा है।

युद्धविराम पर सवाल

जानकारों का कहना है कि पूरे संघर्ष के दौरान ईरान की अर्धसैनिक इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने सैन्य फैसलों में प्रमुख भूमिका निभाई है। कई मामलों में स्थानीय कमांडरों ने खुद तय किया कि किस लक्ष्य पर और कब हमला करना है, जबकि राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका सीमित दिखाई दी। इसी वजह से यह सवाल उठ रहा है कि क्या सभी सैन्य इकाइयां घोषित युद्धविराम का पूरी तरह पालन करेंगी या नहीं। खासकर तब, जब दोनों पक्षों के बीच आगे की बातचीत इस्लामाबाद में होने की संभावना जताई जा रही है।

अमेरिका ने रोक दिया हमला

AP की रिपोर्ट के अनुसार पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सेना की ओर से कहा गया है कि उसने ईरान के खिलाफ हमले रोक दिए हैं। हालांकि उनका डिफेंस जारी रहेगा।

अंतिम समय में हमले करना आम रणनीति

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व के कई युद्धों में यह देखा गया है कि युद्धविराम लागू होने से ठीक पहले या उसके तुरंत बाद अंतिम समय के हमले किए जाते हैं। इसका उद्देश्य घरेलू स्तर पर अपनी जीत का दावा करना और जनता के सामने मजबूत संदेश देना होता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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