महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के कथित मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में हिरासत में ले लिया गया है। भारतीय एजेंसियां अब उसे भारत लाने के लिए जुट गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के रहने वाले और लंबे समय से फरार चल रहे सौरभ चंद्राकर को कुछ सप्ताह पहले रॉयल ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई भारतीय जांच एजेंसियों और छत्तीसगढ़ पुलिस की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर की गई।
महादेव बेटिंग ऐप नेटवर्क से अपराध की कमाई 6,000 करोड़ रुपये
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि महादेव बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क में से है। इसकी जांच में छत्तीसगढ़ के कई वरिष्ठ राजनेता और नौकरशाहों की कथित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े कथित अपराध की कमाई लगभग 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
विदेश से नेटवर्क को रन करता था सौरभ
जांच एजेंसियों का कहना है कि सौरभ चंद्राकर अपने कारोबारी साझेदार और ऐप के सह-संस्थापक रवि उप्पल के साथ लंबे समय से विदेश में रहकर इस नेटवर्क का संचालन कर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चंद्राकर कथित तौर पर दक्षिण-पूर्व एशिया के किसी देश के पासपोर्ट का इस्तेमाल कर यात्रा कर रहा था।
2024 में यूएई ने लिया था हिरासत में
भारतीय एजेंसियों के अनुसार, इससे पहले चंद्राकर दुबई में मौजूद था, जहां 2024 में संयुक्त अरब अमीरात की एजेंसियों ने उसे हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उसे रिहा कर दिया गया था। वहीं, रवि उप्पल के दुबई से भागकर प्रशांत महासागर स्थित द्वीपीय देश वानुआतु पहुंचने की जानकारी सामने आई थी।
अब जबकि ओमान में उसे हिरासत में लिया गया है तो अधिकारियों का कहना है कि भारत और ओमान के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए चंद्राकर को वापस लाने की प्रक्रिया में सफलता मिलने की उम्मीद है। हाल ही में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए मुक्त व्यापार समझौता भी लागू हुआ है।
2019 में दुबई चला गया था चंद्राकर
सौरभ चंद्राकर वर्ष 2019 में दुबई चला गया था। उससे पहले वह छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर में अपने भाई के साथ जूस फैक्ट्री नाम की दुकान चलाता था। हालांकि, चंद्राकर और रवि उप्पल पहले जारी किए गए अपने बयानों में किसी भी अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से संबंध होने से इनकार करते रहे हैं। लेकिन मार्च में ईडी ने दावा किया था कि उसने सौरभ चंद्राकर और उससे जुड़ी संस्थाओं की करीब 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें दुबई स्थित कई महंगी संपत्तियां शामिल हैं,जिनमें दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा में मौजूद संपत्तियां भी शामिल बताई गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट की तर्ज पर काम करता था महादेव ऐप
ईडी के मुताबिक, महादेव ऐप एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट के रूप में काम करता था, जो 'टाइगर एक्सचेंज', 'गोल्ड365' और 'लेजर247' जैसे कई प्लेटफॉर्म और डोमेन के जरिए कथित अवैध सट्टेबाजी संचालित करता था। इस नेटवर्क को फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए देशभर में फैले पैनल और ब्रांच के जरिए रन किया जाता था, जबकि इसके प्रमुख संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे नेटवर्क को नियंत्रित करते थे।
अब तक 13 की गिरफ्तारी
अब तक इस मामले में ईडी 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और पांच आरोपपत्रों में 74 संस्थाओं और व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अन्य आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग भी अदालत में की है।
