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Lebanon Blast: लेबनान में पेजर्स और वॉकी-टॉकी ब्लास्ट में अब तक 32 की लोगों की मौत, हजारों लोग घायल

Lebanon Blast: लेबनान में हाल के पेजर्स और उसके बाद वॉकी-टॉकी के हमलों में अब​ तक 32 लोगों की मौत हो गई है। इन हमलों में कुल 3250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पेजर हमलों के बाद ब्लास्ट वॉकी-टॉकी डिवाइस में किया गया जिससे 14 लोग मारे गए है।

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लेबनान में पेजर्स के बाद वॉकी-टॉकी में ब्लास्ट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Lebanon Blast: लेबनान में पेजर में हुए धमाकों के एक दिन बाद बुधवार को भी देश के कई हिस्सों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में विस्फोट की घटनाएं हुईं जिनमें अब तक 32 लोगों की मौत हो गई है। हिज्बुल्ला के संचार नेटवर्क को निशाना बनाने के इरादे से संभवत: इजराइल द्वारा किए गए हमले के तहत लेबनान और सीरिया में जिन पेजर में विस्फोट हुए, उन्हें हंगरी की एक कंपनी ने बनाया था। कंपनी का मुख्यालय हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में है। ताइवानी कंपनी गोल्ड अपोलो द्वारा बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, एआर-924 पेजर का निर्माण बीएसी कंसल्टिंग केएफटी ने किया था, जो हंगरी की राजधानी में स्थित है। बयान में कहा गया है कि सहयोग समझौते के अनुसार हमने बीएसी को निर्दिष्ट क्षेत्रों (लेबनान और सीरिया) में उत्पाद की बिक्री के लिए हमारे ब्रांड के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया था, लेकिन उत्पाद के निर्माण के लिए सिर्फ बीएसी जिम्मेदार है। हिज्बुल्ला अधिकारियों ने बताया कि खबरों के मुताबिक वॉकी-टॉकी और सौर उपकरणों से भी निशाना बनाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि धमाकों में कम से कम 32 लोग मारे गए हजारों की संख्या में अन्य लोग घायल हुए हैं।

हजारों लोग ब्लास्ट में घायल

हिज्बुल्ला के एक अधिकारी ने पहचान गुप्त रखते हुए बताया कि समूह द्वारा इस्तेमाल किए गए वॉकी-टॉकी में धमाका किया गया। लेबनान की आधिकारिक समाचार एजेंसी की खबर के मुताबिक बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में घरों में सौर ऊर्जा प्रणाली में विस्फोट हो गया, जिससे कम से कम एक लड़की घायल हो गई। ये धमाके ऐसे समय हुए हैं जब मंगलवार को सिलसिलेवार देशभर में हुए पेजर धमाकों के बाद लेबनान में भ्रम और गुस्से की स्थिति है। लेबनान और सीरिया के कई हिस्सों में हिज्बुल्ला सदस्यों द्वारा इस्तेमाल किए गए सैकड़ों पेजर में विस्फोट होने से दो बच्चों सहित कम से कम 12 लोग मारे गए और लगभग 2800 अन्य घायल हुए हैं।

इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष के बीच इन विस्फोटों के बाद तनाव और बढ़ गया है, जिसके एक पूर्ण युद्ध में तब्दील होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अभी भी आकलन कर रहा है कि यह हमला गाजा में इजराइल-हमास युद्ध में संघर्ष विराम के लिए बातचीत के प्रयासों को कैसे प्रभावित कर सकता है। पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इजराइल ने एहतियातन बुधवार को लेबनान के साथ लगती अपनी सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है।

विस्फोट वाले वॉकी-टॉकी बंद हो चुके जापानी मॉडल

इस बीच लेबनान के संचार मंत्रालय ने कहा कि पेजर के बाद जिन वॉकी-टॉकी उपकरणों में विस्फोट हुआ, वे बंद हो चुके जापानी मॉडल हैं। लेबनान के संचार मंत्रालय ने कहा कि बुधवार को जिन वॉकी-टॉकी उपकरणों में विस्फोट हुआ, वे जापानी फर्म ICOM द्वारा बनाए गए बंद हो चुके मॉडल थे। मंत्रालय ने कहा कि IC-V82 रेडियो किसी मान्यता प्राप्त एजेंट द्वारा आपूर्ति नहीं किए गए थे, उन्हें आधिकारिक रूप से लाइसेंस नहीं दिया गया था और सुरक्षा सेवाओं द्वारा उनकी जांच नहीं की गई थी। अपनी वेबसाइट पर इसने कहा है कि IC-V82 को बंद कर दिया गया है और वर्तमान में प्रचलन में मौजूद लगभग सभी मॉडल नकली हैं।

लेबनान में हुए विस्फोटों के बाद जापान की कंपनी अपने लोगो वाले रेडियो उपकरणों की जांच कर रही है। जापानी रेडियो उपकरण निर्माता Icom Inc ने गुरुवार को कहा कि वह लेबनान में अपने लोगो वाले दो-तरफ़ा रेडियो उपकरणों के विस्फोट होने की खबरों के बारे में तथ्यों की जांच कर रही है। लेबनान के दक्षिण में बुधवार को सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले हाथ में पकड़े जाने वाले रेडियो में विस्फोट हो गया, इससे एक दिन पहले समूह के पेजर में भी इसी तरह का विस्फोट हुआ था। विस्फोटित वॉकी-टॉकी की तस्वीरों पर आईकॉम और मेड इन जापान लिखा हुआ था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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