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फिर दहला लेबनान, पेजर्स के बाद वारयलेस रेडियो सेट में हुए धमाके; 3 की मौत

Lebanon Blasts: लेबनान में एक बार फिर से सिलसिलेवार तरीके से धमाके हुए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार वायरलेस रेडियो सेट में विस्फोट हुए हैं। ये धमाके बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में हुए। इसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है।

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लेबनान में रेडियो सेट में कई जगह हुए धमाके।

Lebanon Blasts: लेबनान में एक बार फिर से सिलसिलेवार तरीके से धमाकों की खबर है। मीडियो रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार हिजबुल्ला लड़ाकों के वायरलेस रेडियो सेट में विस्फोट हुए हैं। ये धमाके बेरूत और दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में सुने गए हैं। इन धमाकों में कई लोगों के घायल होने की खबर है। बता दें, एक दिन पहले लेबनान में हिजबुल्ला लड़ाकों के पेजर्स में सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई तो 4000 लोग घायल हुए थे।

पेजर मे कल हुए सीरियल ब्लास्ट के बाद हिजबुल्ला के शीर्ष नेताओं ने अपने लड़ाकों को बातचीत के लिए वायरलेस रेडियो सेट के इस्तेमाल की हिदायत दी थी। ये रेडियो सेट पेजर्स के साथ करीब पांच महीने पहले खरीदे गए थे। इसके बाद से हिजबुल्ला लड़ाके इन्हीं रेडियो सेट का इस्तेमाल कर रहे थे।हालांकि, अब इसमें भी ब्लास्ट हुआ है। इस रेडियो ब्लास्ट में तीन लोगों के मरने की खबर है। कुछ धमाके उस जगह भी हुए जहां पेजर्स ब्लास्ट में मारे गए हिजबुल्ला लड़ाकों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था।

हिजबुल्ला को आपूर्ति से पहले ही पेजर्स में लगाए गए थे विस्फोटक

हिज्बुल्ला के संचार नेटवर्क को निशाना बनाने के इरादे से संभवत: इजराइल द्वारा किए गए हमले के तहत लेबनान और सीरिया में जिन पेजर में विस्फोट हुए, उन्हें हंगरी की एक कंपनी ने बनाया था। ताइवानी कंपनी गोल्ड अपोलो ने बुधवार को यह जानकारी दी। गोल्ड अपोलो ने कहा कि बुडापेस्ट की एक अन्य कंपनी ने इन पेजर का निर्माण किया है, जिसे उसने पेजर पर अपने अधिकृत ब्रांड के इस्तेमाल का अधिकार दिया था। उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि इन पेजर में आपूर्ति से पहले ही विस्फोटक सामग्री डाली गई थी।

कम मात्रा में रखा गया था विस्फोटक

एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि इजराइल ने मंगलवार को हमले के बाद अमेरिका को जानकारी दी थी। पेजर में कम मात्रा में विस्फोटक छिपाकर रखा गया था और फिर उसमें विस्फोट किया गया था। हिज्बुल्ला ने इस हमले के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। उसने बुधवार की सुबह एक बयान में कहा कि वह पहले की तरह इजराइल के खिलाफ अपने सामान्य हमले जारी रखेगा, जिन्हें वह अपने सहयोगी हमास और गाजा में फलस्तीनियों के समर्थन में किया गया हमला बताता है।

हिजबुल्लाह ने इजराइल पर किया रॉकेट हमला

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हिजबुल्लाह ने कहा है कि उसने अपने कट्टर दुश्मन पर पहला हमला करते हुए इजरायली तोपखाने के ठिकानों पर रॉकेट से हमला किया है। पेजर विस्फोटों में लेबनान में उसके हजारों सदस्य घायल हो गए थे और मध्य पूर्व में व्यापक युद्ध की संभावना बढ़ गई थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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