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मोसाद की मार से कांपा लेबनान, विमानों में पेजर और वॉकी-टॉकी पर लगाया प्रतिबंध

Lebanon pagers Blast: इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष के बीच इन विस्फोटों के बाद तनाव और बढ़ गया है, जिसके एक पूर्ण युद्ध में तब्दील होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इस बीच इजराइल ने अपनी सीमाओं पर सैनिकों की तैनाती बढ़ा दी है।

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लेबनान में पेजर्स के बाद वॉकी-टॉकी में ब्लास्ट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Lebanon pagers Blast: हिजबुल्लाह लड़ाकों के पेजर और वॉकी-टॉकी में हुए धमाकों से लेबनान कांप उठा है। इन सीरियल ब्लास्ट के बाद लेबनान ने बड़ा फैसला लिया है। लेबनान के नागरिक विमानन प्राधिकरण ने बेरूत के राफिक हरीरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले सभी विमानों में पेजर और वॉकी-टॉकी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, प्राधिकारियों ने सभी एयरलाइन कम्पनियों से कहा है कि वे हवाई अड्डे का उपयोग करने वाले यात्रियों को सूचित करें कि जेट विमानों में पेजर और वॉकी-टॉकी ले जाना अगली सूचना तक प्रतिबंधित है। इसने कहा कि यात्रियों के पास पाए जाने वाले ऐसे उपकरणों को जब्त कर लिया जायेगा। बता दें, लेबनान में पेजर में हुए धमाकों के एक दिन बाद बुधवार को भी देश के कई हिस्सों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में विस्फोट की घटनाएं हुईं जिनमें कई लोगों की मौत हो गई और तीन हजार से अधिक लोग घायल हो गये।

इजराइल ने बढ़ाई सैनिकों की तैनाती

इजराइल और हिज्बुल्ला के बीच संघर्ष के बीच इन विस्फोटों के बाद तनाव और बढ़ गया है, जिसके एक पूर्ण युद्ध में तब्दील होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इस बीच पूरे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने बताया कि इजराइल ने एहतियातन बुधवार को लेबनान के साथ लगती अपनी सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को कहा कि अमेरिका अभी भी आकलन कर रहा है कि यह हमला गाजा में इजराइल-हमास युद्ध में संघर्ष विराम के लिए बातचीत के प्रयासों को कैसे प्रभावित कर सकता है।

ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों को तुरंत लेबनान छोड़ने की दी सलाह

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने संचार उपकरणों में विस्फोट के बाद अपने नागरिकों को लेबनान की यात्रा नहीं करने की चेतावनी दोहराई है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, ऑस्ट्रेलियाई सरकार की यह चेतावनी मंगलवार और बुधवार को लेबनान में हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले पेजर और रेडियो में हुए विस्फोटों के बाद आई है। इनमें कम से कम 26 लोग मारे गए और हजारों लोग घायल हो गए। ट्रेजरर जिम चाल्मर्स और विदेश मंत्री पेनी वोंग ने गुरुवार को कहा कि सरकार मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बढ़ने की संभावना को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। चाल्मर्स ने पत्रकारों से कहा, यह आस्ट्रेलियावासियों के लिए एक और चेतावनी है कि वे लेबनान की यात्रा नहीं करें।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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