Keir Starmer: ब्रिटेन एक बार फिर बड़े राजनीतिक संकट की ओर बढ़ रहा है। भारी बहुमत के साथ सत्ता में आए लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इस समय अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनकी खुद की पार्टी के भीतर उनके खिलाफ एक बड़ा विद्रोह खड़ा हो गया है।
इस संकट की मुख्य वजह हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को मिली करारी शिकस्त है, जहां पार्टी को करीब 1,500 काउंसिल सीटों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। नतीजा ये हुआ कि अब तक लेबर पार्टी के करीब 90 से अधिक सांसद और कई कनिष्ठ मंत्री सार्वजनिक रूप से स्टार्मर से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं। 90 से अधिक सांसदों ने उनसे इस्तीफे की मांग कर दी है।
महंगाई और बिगड़ती अर्थव्यवस्था से गुजर रहा ब्रिटेन
इसके अलावा देश में बढ़ती महंगाई, आर्थिक मोर्चे पर विफलता और गृह कार्यालय व सिविल सेवाओं के साथ उपजे हालिया विवादों ने उनकी स्थिति को और कमजोर कर दिया है, यहां तक कि गृह मंत्री शबाना महमूद और विदेश मंत्री यवेट कूपर जैसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों ने भी उनसे पद छोड़ने की एक समयसीमा तय करने का आग्रह किया है।
मैं इस्तीफा नहीं दूंगा: कीर स्टार्मर
चारों तरफ से बढ़ते दबाव के बावजूद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने फिलहाल हार मानने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे और इस संकट का डटकर मुकाबला करेंगे।
बगावत को शांत करना स्टार्मर के लिए आसान नहीं
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस मोड़ पर लेबर पार्टी नेतृत्व परिवर्तन के चक्कर में पड़ी, तो देश में राजनीतिक अराजकता फैल जाएगी। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्टार्मर भले ही अड़े हुए हैं, लेकिन उनके लिए इस बगावत को शांत करना बेहद मुश्किल होगा और लेबर पार्टी के भीतर अब औपचारिक नेतृत्व मुकाबले (Leadership Contest) की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
यदि स्टार्मर को पद छोड़ना पड़ता है, तो प्रधानमंत्री पद की रेस में मुख्य रूप से वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग और ग्रेटर मैनचेस्टर के मेयर एंडी बर्नहैम का नाम सबसे आगे चल रहा है।
गौरतलब है कि साल 2016 में ब्रेक्सिट के बाद से ब्रिटेन की राजनीति में गजब की अस्थिरता देखी गई है और यदि कीर स्टार्मर को भी हटाया जाता है, तो यह ब्रिटेन की राजनीतिक अस्थिरता के सिलसिले को और आगे बढ़ाएगा, जिससे दुनिया भर में देश की साख पर गहरा असर पड़ सकता है।
