Sanae Takaichi : जापान को साने ताकाची के रूप में अपनी पहली महिला प्रधानमंत्री मिलने का रास्ता साफ हो गया है। जापान की संसद मंगलवार को अतिरूढ़िवादी ताकाची को देश की पहली महिला प्रधान मंत्री के रूप में चुनने के लिए तैयार है। जापान में जारी राजनीतिक संकट के बीच उनकी पार्टी ने एक नए साथी के साथ गठबंधन समझौता कर लिया है, इससे पीएम पद पर उनकी नियुक्ति तय हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले सप्ताह जापान की यात्रा पर आने वाले हैं, ऐसे में पीएम पद पर ताकाची की नियुक्ति महत्वपूर्ण है।
सम्राट से मुलाकात पदभार ग्रहण करेंगी
संसद मंगलवार दोपहर ताकाइची को प्रधानमंत्री के रूप में अनुमोदित करने वाली है और बाद में सम्राट से मुलाकात के बाद वह औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगी। उन्होंने 4 अक्टूबर को लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेतृत्व जीता था, जो दशकों से लगभग लगातार शासन कर रही है, लेकिन हाल के वर्षों में काफी अलोकप्रिय हो गई है। हालांकि, छह दिन बाद कोमेतो पार्टी ने ताकाइची के रूढ़िवादी विचारों और एलडीपी के फंड घोटाले को लेकर असहजता जताते हुए गठबंधन से बाहर निकलने की घोषणा कर दी।
गठबंधन सरकार बनाएंगी
इससे ताकाची को जापान इनोवेशन पार्टी (जेपी) के साथ गठबंधन करने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसका समझौता सोमवार शाम हुआ। उन्होंने सोमवार को वादा किया कि वह 'जापान की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगी और जापान को ऐसा देश बनाएंगी जो आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी उठा सके।' ताकाची मार्गरेट थैचर को अपना आदर्श मानती हैं।
रूढ़िवादी विचारों को मानती हैं ताकाची
विश्व आर्थिक मंच की 2025 ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट में जापान 148 देशों में से 118वें स्थान पर है। वर्ष 2021 में महिलाओं की प्रबंधन पदों पर हिस्सेदारी 13.2 प्रतिशत थी, जबकि निचले सदन के लगभग 15 प्रतिशत सांसद महिलाएँ हैं। 64 वर्षीय ताकाची ने कहा है कि वह महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना चाहती हैं और उन्होंने खुलकर अपने रजोनिवृत्ति के अनुभव साझा किए हैं। वह उस 19वीं सदी के कानून में संशोधन का विरोध करती हैं जिसमें विवाहित दंपतियों को एक ही उपनाम साझा करने की बाध्यता है, और वह चाहती हैं कि शाही परिवार में उत्तराधिकार केवल पुरुषों के लिए ही बना रहे। ताकाची के गृह नगर नारा की एक कंपनी कर्मचारी, 39 वर्षीय केइको योशिदा ने उम्मीद जताई, 'शायद वह जापान को महिलाओं के लिए अधिक अनुकूल स्थान बनाएंगी। शायद वह माताओं और कामकाजी महिलाओं के लिए समर्थन बढ़ाने वाले शहर बनाने में मदद करेंगी।'
घटती जनसंख्या को रोकना बड़ी चुनौती
ताकाची की चुनौतियों में जापान की घटती जनसंख्या को रोकना और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा लाना शामिल है। संसद के दोनों सदनों में अल्पमत में होने के कारण, नए गठबंधन को कानून पारित करने के लिए अन्य दलों के समर्थन की आवश्यकता होगी। ताकाची पहले आक्रामक मौद्रिक नीतियों और सरकारी खर्च में विस्तार की समर्थक रही हैं, जो उनके गुरु, पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की 'आबेनॉमिक्स' नीति से मेल खाती है। हालांकि पार्टी नेतृत्व की दौड़ के दौरान उन्होंने इन नीतियों को कुछ हद तक नरम किया, लेकिन उनकी जीत से जापानी शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गया।
चीन पर नरम रुख
उन्होंने हाल के दिनों में चीन पर अपने बयान भी नरम किए हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने यासुकुनी मंदिर में आयोजित एक समारोह से दूरी बनाए रखी — जहाँ वह पहले नियमित रूप से जाया करती थीं , ताकि चीन को नाराज होने से बचाया जा सके। यह इस बात का संकेत माना गया कि वह बीजिंग के साथ संबंधों में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगी। ताकाची पर एलडीपी की साख बहाल करने का भी दबाव होगा, जो हालिया चुनावी पराजयों के कारण शिगेरू इशिबा की कुर्सी छीनने का कारण बनीं।
