दुनिया

फ्लोटिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार पर घिरा इजराइल, दुनिया हुई नाराज, कई देशों ने राजदूत तलब किए

फ्लोटिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार पर इजराइल पूरी दुनिया में घिरता दिख रहा है। कई देशों ने इसे लेकर नाराजगी जताते हुए इजरायल के राजदूतों को तलब किया है।

Image

इजरायल में फ्लोटिला कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार।

गाजा की ओर जा रहे राहत सहायता जहाजों को रोकने और कार्यकर्ताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर कई देशों ने इजराइल के खिलाफ नाराजगी जताई है। इस मामले में इटली,फ्रांस, कनाडा और नीदरलैंड समेत कई देशों ने इजराइली राजदूतों को तलब किया है।

इतामार बेन ग्विर के वीडियो से बढ़ा विवाद

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन ग्विर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में गाजा फ्लोटिला के कार्यकर्ता जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखाई दे रहे थे और उनके हाथ बंधे हुए थे। बेन ग्विर उन्हें चिढ़ाते नजर आए, जिसके बाद दुनिया के कई देशों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि यह तस्वीरें और वीडियो अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा कि कई इतालवी नागरिकों के साथ इस तरह का व्यवहार उनकी मानव गरिमा का उल्लंघन है। इतालवी सरकार संबंधित इतालवी नागरिकों की तत्काल रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सर्वोच्च संस्थागत स्तर पर सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने मांग की इसके लिए इजराइल को माफी मांगनी चाहिए। इन्हीं कारणों से, विदेश मंत्रालय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय इजरायली राजदूत को तत्काल तलब कर घटना के संबंध में औपचारिक स्पष्टीकरण मांगेगा।

फ्रांस से लेकर कनाडा तक सबने की इसकी निंदा

वहीं, फ्रांस के विदेश मंत्री ज्यां-नोएल बारो ने भी बेन ग्विर की कार्रवाई की आलोचना करते हुए फ्रांसीसी नागरिकों को जल्द रिहा करने की मांग की। वहीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने इस घटना को “बेहद चिंताजनक” बताया।

नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन ने कहा कि बंदियों के साथ ऐसा व्यवहार बुनियादी मानव गरिमा के खिलाफ है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने भी इज़राइल की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में दूसरे देशों के जहाजों को रोकना गलत है।

430 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

इस बीच, फ्लोटिला(छोटी नावों का बेड़ा) आयोजकों ने दावा किया कि इजराइली नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में जहाजों को रोका, उन पर छापेमारी की और कुछ जगह रबर बुलेट भी चलाई। आयोजकों के अनुसार करीब 430 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। इनमें कई देशों के नागरिक शामिल हैं।

हिरासत के विरोध में भूख हड़ताल शुरू

फ्लोटिला समूह ने बताया कि कम से कम 87 लोगों ने हिरासत के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यह कार्रवाई गाजा पर इज़राइल की नाकेबंदी तोड़ने और वहां राहत सामग्री पहुंचाने के लिए की जा रही थी।

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने आरोपों को किया खारिज

इजराइल के विदेश मंत्रालय ने हालांकि इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सभी कार्यकर्ताओं को इजराइल लाया जा रहा है, जहां उन्हें अपने-अपने देशों के दूतावास अधिकारियों से मिलने की अनुमति दी जाएगी। मंत्रालय ने पूरे अभियान को “सिर्फ प्रचार का प्रयास” बताया।

इन देशों ने भी की आलोचना

तुर्किये, स्पेन, जॉर्डन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्राजील, इंडोनेशिया, कोलंबिया, लीबिया और मालदीव समेत कई देशों ने भी इजराइल की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

और पढ़ें
End of Article