अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध कुछ समय में ही खत्म हो सकता है, भले ही उसने ने इस्लामी धर्मतंत्र के अस्तित्व की रक्षा के लिए एक नए कट्टरपंथी सर्वोच्च नेता का चयन किया हो। लेकिन कुछ ही पल बाद ट्रंप ने एक संवाददाता सम्मेलन में संकेत दिया कि भीषण लड़ाई अभी बाकी है, क्योंकि उन्होंने ईरान द्वारा वैश्विक तेल आपूर्ति को रोकने के किसी भी कोशिश की स्थिति में और भी कड़ी कार्रवाई की धमकी दी। इस बयानबाजी से तेल की कीमतों और शेयर बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ट्रंप ने कहा, हम इस खतरे को हमेशा के लिए समाप्त कर रहे हैं, और इसका परिणाम अमेरिकी परिवारों के लिए तेल और गैस की कीमतों में कमी होगी।
प्रेस कांफ्रेंस में ट्रंप ने क्या-क्या कहा जानिए
- ईरान ने अपने पड़ोसियों पर हमला किया, जो बहुत ही मूर्खतापूर्ण, बेवकूफी भरा और उल्टा असर डालने वाला था; वे हमारे पक्ष में आ गए।
- हमने ईरान के परमाणु ठिकानों को बर्बाद किया, उसके बाद भी उसने कभी अच्छे से बातचीत नहीं की।
- हम तेल की कीमतें कम करने की कोशिश कर रहे हैं, मुझे पता था कि मेरे इस कदम से तेल के दाम बढ़ सकते हैं, लेकिन वे उतने ज्यादा नहीं बढ़े जितना मैंने सोचा था।
- रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ फोन पर हुई बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: वो मध्य पूर्व के मामलों में मदद करना चाहते हैं, लेकिन मैंने कहा कि आप यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करके अधिक मददगार साबित हो सकते हैं।
- ईरान मध्य पूर्व पर कब्जा करने वाला था; अगर हमने उस पर हमला नहीं किया होता तो वो इजराइल को खत्म कर देता।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप: जरूरत पड़ने पर हमारी नौसेना और उसके सहयोगी जलडमरूमध्य से टैंकरों को सुरक्षित निकालेंगे।
- कांग्रेस में अल्पमत डेमोक्रेट जानबूझकर राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा रहा है।
- मैं किसी आतंकी शासन को दुनिया को बंधक बनाने और वैश्विक तेल आपूर्ति को रोकने की कोशिश करने की इजाजत नहीं दूंगा; होर्मुज जलडमरूमध्य सुरक्षित रहेगा; हमारे कई नौसैनिक जहाज वहां तैनात हैं।
- हम ऐसा राष्ट्रपति चाहते हैं, जो शांतिपूर्ण तरीके से काम करे। ईरान के 90 फीसदी मिसाइल लॉन्चर नष्ट कर दिए गए। हमने कई मायनों में जीत हासिल की, लेकिन ये काफी नहीं है।
- हमने अपने पहले कार्यकाल में सेना को मजबूत किया, पता नहीं था कि दूसरे कार्यकाल में हमें उनका इतना अधिक इस्तेमाल करना पड़ेगा।
- हमारी सेना का कहना है कि ईरानी युद्धपोतों को डुबाना, उन्हें पकड़ने और इस्तेमाल करने से कहीं ज्यादा मजेदार है। हम ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाना जारी रखेंगे।
- अगर हमने ईरानी मिसाइल ठिकानों पर हमले न किए होते तो इजराइल का सफाया हो गया होता।
- 'एपिक फ्यूरी' ऑपरेशन ने ईरान की परमाणु क्षमता को बर्बाद कर दिया है, नहीं तो दो हफ्ते के भीतर उनके पास परमाणु हथियार होता।
- बाइडन के शासनकाल में हम हंसी का पात्र बन गए थे; कई देशों ने यहां अपनी जेलें खाली कर दीं, लेकिन अब हमारे बीते 125 सालों में सबसे कम अपराध दर है।
- ईरान के नए सुप्रीम लीडर पर ट्रंप: मैं निराश था क्योंकि हमें लगता है कि इससे देश के लिए वैसी ही समस्याएं और बढ़ेंगी। इसलिए मैं उनकी पसंद देखकर निराश था।
युद्ध से तेल और गैस की आपूर्ति रुकी
बता दें कि इस युद्ध ने विश्व बाजारों में तेल और गैस की प्रमुख आपूर्ति को रोक दिया है और पूरे अमेरिका में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है। इस लड़ाई के चलते विदेशी नागरिक व्यापारिक केंद्रों से भागने पर मजबूर हो गए हैं और लाखों लोग शरण लेने के लिए मजबूर हुए हैं क्योंकि बमों ने सैन्य अड्डों, सरकारी इमारतों, तेल और जल संयंत्रों, होटलों और कम से कम एक स्कूल सहित कई स्थलों को निशाना बनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ऑपरेशन एपिक फ्यूरी जारी रखते हुए, हम दुनिया को ऊर्जा और तेल की आपूर्ति बनाए रखने पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मैं किसी भी आतंकवादी शासन को दुनिया को बंधक बनाने और वैश्विक तेल आपूर्ति को रोकने का प्रयास करने की अनुमति नहीं दूंगा। अगर ईरान ऐसा कुछ भी करता है, तो उसे बहुत ही गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे... बेहतर होगा कि वे ऐसा खेल न खेलें। अंततः, ईरानी जहाजों, ड्रोन, मिसाइलों और परमाणु खतरे के बिना तेल आपूर्ति कहीं अधिक सुरक्षित होगी।
ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में अपने दिवंगत पिता के उत्तराधिकारी के रूप में कट्टरपंथी अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के चयन से तेल की कीमतों में उछाल आया और बाज़ार में गिरावट आई। निवेशकों ने इसे इस बात का संकेत माना कि अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के 10 दिन बाद भी ईरान अपनी स्थिति और मजबूत कर रहा है।
अमेरिकी बाजार में उतार-चढ़ाव
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल मची रही। शुरुआती भारी गिरावट के बाद बाजार में अच्छी बढ़त दर्ज की गई, क्योंकि ईरान के साथ युद्ध के लंबे समय तक न चलने की आशंकाएं उम्मीद में तब्दील हो गईं। तेल की कीमतें 2022 के बाद के उच्चतम स्तर, लगभग 120 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से गिरकर 90 अमेरिकी डॉलर के आसपास आ गईं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हमलों के कारण टैंकरों का आवागमन लगभग ठप हो गया है। इस जलमार्ग से दुनिया के एक-पांचवें तेल का परिवहन होता है। ईरानी ड्रोन और मिसाइलों ने प्रमुख उत्पादक देशों के तेल और गैस बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम सात नाविक मारे गए हैं।
