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ईरान शांति वार्ता के लिए तैयार, लेकिन ट्रंप नहीं इस शख्स से करना चाहता है बातचीत

US-Iran War News: ईरानी अधिकारियों का मानना ​​है कि ट्रंप प्रशासन के कुछ अन्य लोगों की तुलना में, जेडी वैंस इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान निकालने की ओर अधिक कुशल नजर आते हैं।

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ईरान शांति वार्ता के लिए तैयार, लेकिन ट्रंप नहीं इस शख्स से करना चाहता है बातचीत

Iran War Update: ईरान ने अमेरिका को यह संदेश भिजवाया हैं कि चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज होने के बीच, वह डोनाल्ड ट्रंप या प्रशासन के अन्य सदस्यों के बजाय अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के साथ बातचीत करना पसंद करेगा। CNN की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में इस मामले से परिचित क्षेत्रीय सूत्रों के हवाले से बताया कि यह संदेश मैसेज बैक-चैनल संचार के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचाया गया। इसमें ईरानी प्रतिनिधियों ने संकेत दिया कि अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ या जेरेड कुशनर के नेतृत्व में होने वाली बातचीत के सफल होने की संभावना कम है, क्योंकि शत्रुता शुरू होने से पहले हुई पिछली बातचीत के विफल होने के बाद से दोनों पक्षों के बीच विश्वास की भारी कमी है।

ईरान को लगता है- वैंस युद्ध खत्म करने के लिए ज्यादा तैयार

अधिकारियों ने बताया कि ईरान का मानना है कि प्रशासन के कुछ दूसरे लोगों के मुकाबले वैंस इस झगड़े को कूटनीतिक तरीके से खत्म करने की तरफ ज्यादा झुके हो सकते हैं। इन चर्चाओं से जुड़े एक सूत्र ने CNN को बताया, 'धारणा यह है कि वैंस इस झगड़े को खत्म करने पर ही जोर देंगे।'

हालांकि, उन्हीं सूत्रों ने आगाह किया कि सीधी बातचीत में शामिल होने से वैंस के लिए जोखिम भी हो सकते हैं, क्योंकि युद्ध समाप्त करने के लिए किसी समझौते पर पहुंचना संभवतः जटिल और राजनीतिक रूप से संवेदनशील साबित होगा।

तेहरान की पसंद के बावजूद, ईरानी अधिकारी यह मानते हैं कि बातचीत में वॉशिंगटन का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इस पर अंतिम फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ही लेंगे।

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी बातचीत टीम का चयन अकेले ट्रंप ही करेंगे। उनके अनुसार, कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें वैंस, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रूबियो, विटकॉफ और कुशनर शामिल हैं, वह व्यापक कूटनीतिक प्रयासों में शामिल हैं।

व्हाइट हाउस के एक अन्य अधिकारी ने ईरान की पसंद से जुड़ी रिपोर्टों को क्षेत्रीय ताकतों द्वारा अमेरिकी नीति को प्रभावित करने की कोशिश करार देते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने इसे राष्ट्रपति को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया गया एक सुनियोजित विदेशी दुष्प्रचार अभियान बताया।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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