Nepal Flash Flood: नेपाल में तिब्बत सीमा के पास आई भीषण बाढ़ को लेकर अलग- अलग सवाल खड़े हो रहे हैं। नेपाल में कई लोगों ने इस त्रासदी के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल, वहां के पत्रकारों के एक समूह ने आरोप लगाया है कि चीन ने बाढ़ के खतरे को लेकर नेपाल को समय रहते अगाह नहीं किया। इन आरोपों के बीच चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने प्रतिक्रिया दी है।
चीनी राजदूत झांग माओमिंग ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर ग्यिरोंग-रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में चीन और नेपाल दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है और भारी नुकसान हुआ है।
'चीन की तरफ भी हुआ काफी नुकसान'
राजदूत ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस मुश्किल वक्त में चीन नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने दावा किया कि चीन की तरफ भी इस आपदा से काफी नुकसान हुआ है, लेकिन इसके बावजूद बीजिंग ने नेपाल के लिए आपातकालीन राहत सामग्री और आर्थिक सहायता का तुरंत इंतजाम किया।
झांग माओमिंग ने कहा कि चीन नेपाल को आगे भी हर संभव सहायता देने की कोशिश करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश मिलकर इस मुश्किल दौर से निकलेंगे और प्रभावित इलाकों में दोबारा सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम करेंगे।
नेपाल के आरोपों पर क्या बोले चीनी राजदूत?
गौरतलब है कि चीनी राजदूत ने नेपाल के पत्रकारों की तरफ से लगाए गए उस आरोप पर सीधे जवाब नहीं दिया कि चीन ने नेपाल को बाढ़ की जानकारी समय पर नहीं दी। उनका बयान मुख्य रूप से चीन की तरफ से दी जा रही राहत और आर्थिक सहायता पर केंद्रित रहा।
बाढ़ में अब तक 162 लोगों की मौत
बता दें कि नेपाल में अब तक 162 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चीन के तिब्बत क्षेत्र में कम से कम तीन लोगों की मौत और 558 लोगों के लापता होने की खबर है। इस तरह दोनों देशों में मृतकों की संख्या कम से कम 160 तक पहुंच गई है। राहत और बचाव अभियान के बीच लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
