Iran US Peace Talk: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के काले बादल जल्द ही छट सकते हैं। दोनों देश लगातार एक-दूसरे को पाकिस्तान के जरिए स्थायी शांति का प्रस्ताव भेज रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी प्रस्ताव पर दोनों की मुहर नहीं लगी है, लेकिन तेहरान ने एक मसौदा समझौते पर सहमति बना ली है। अब उसे महज अमेरिका के जवाब का इंतजार है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक ईरानी अधिकारी ने बताया कि तेहरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के साथ एक मसौदा समझौते पर सहमति बना ली है और अब वह अमेरिका के जवाब का इंतजार कर रहा है। इस प्रस्ताव में युद्ध की समाप्ति, नाकेबंदी हटाना, होर्मुज को पुन: खोलना और संघर्ष क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं को वापस बुलाना शामिल है।
कोई रियायत देने के मूड में नहीं तेहरान
उन्होंने बताया कि इस मसौदा समझौते में परमाणु मुद्दों को शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि परमाणु मुद्दों को फिलहाल इस प्रस्ताव से बाहर रखा गया और उन पर 30 दिनों के बाद चर्चा की जा सकती है। साथ ही ईरान ने एक बात साफ कर दी है कि अब वह और कोई रियायत नहीं दे सकता है।
होर्मुज को जल्द खोलने की जरूरत
भारत दौरे पर आए ट्रंप के मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया। साथ ही उन्होंने होर्मुज को जल्द खोले जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक समाधान की दिशा में कुछ प्रगति हुई है और इस पर लगातार काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज, कल या अगले कुछ दिनों में इस मुद्दे को लेकर कोई बड़ी खबर सामने आ सकती है।
मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान के साथ जारी तनाव का समाधान बातचीत और कूटनीतिक रास्ते से निकाला जाए। उन्होंने दोहराया कि डोनाल्ड ट्रंप का स्पष्ट रुख है कि ईरान किसी भी हालत में परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता।
मार्को रुबियो ने कहा कि होर्मुज को बिना किसी रुकावट और शुल्क के खोला जाना चाहिए। साथ ही ईरान को अपने समृद्ध यूरेनियम और अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम का नियंत्रण छोड़ना होगा। रुबियो के मुताबिक, यदि इस मुद्दे का समाधान करना है तो यूरेनियम संवर्धन के मुद्दे पर भी बात करनी होगी।
