Iran protests: 20 दिनों में 5000 की मौत; इनमें 500 सुरक्षाकर्मी भी; खामेनेई सरकार बोली- हिंसा के लिए आतंकी जिम्मेदार
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 18, 2026, 07:48 PM IST
ईरान में हालिया अशांति के दौरान सबसे भीषण झड़पें और सबसे अधिक मौतें उत्तर-पश्चिमी ईरान के कुर्द बहुल क्षेत्रों में हुई हैं। गौरतलब है कि कुर्द बहुल इलाका वही है जहां कुर्द अलगाववादी समूह सक्रिय रहे हैं और जहां अतीत में भी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा सबसे ज्यादा देखी गई है।
ईरान में क्यों भड़का विद्रोह?
ईरान में बीते साल के आखिरी महीने में शुरू हुए प्रदर्शन में अब तक 5000 लोगों की मौत हो गई है। एक ईरानी अधिकारी ने इस आंकड़े के बारे में बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इन लोगों में करीब 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। ईरान सरकार ने इन हिंसक विरोध प्रदर्शन के लिए विदेशी ताकतों और आतंकवादियों को जिम्मेदार ठहराया है।
कुर्द बहुल इलाकों में सबसे ज्यादा मौतें
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नाम न बताने की शर्त पर ईरानी अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को इस बारे में जानाकारी दी। उन्होंने बताया कि ईरान में हालिया अशांति के दौरान सबसे भीषण झड़पें और सबसे अधिक मौतें उत्तर-पश्चिमी ईरान के कुर्द बहुल क्षेत्रों में हुई हैं। गौरतलब है कि कुर्द बहुल इलाका वही है जहां कुर्द अलगाववादी समूह सक्रिय रहे हैं और जहां अतीत में भी विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा सबसे ज्यादा देखी गई है।
हिंसक प्रदर्शनों में इजराइल का हाथ
अधिकारी के अनुसार, मृतकों की अंतिम संख्या में अब किसी बड़े इजाफे की संभावना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को “इजराइल और विदेशों में मौजूद सशस्त्र समूहों” का समर्थन मिला और उन्हें हथियार भी मुहैया कराए गए। ईरानी अधिकारी अक्सर देश में अशांति के लिए विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। इनमें इजराइल भी शामिल है, जिसे ईरान अपना कट्टर दुश्मन मानता है। गौरतलब है कि जून में इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले किए गए थे।
इस बीच, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन एचआरएएनए (HRANA) ने शनिवार, 17 जनवरी 2026 को बताया कि अब तक 3,308 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 4,382 मामलों की समीक्षा अभी जारी है। संगठन के मुताबिक, 24,000 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की भी पुष्टि की गई है। वहीं नॉर्वे स्थित ईरानी कुर्द अधिकार समूह हेंगाव ने कहा है कि दिसंबर के अंत में भड़के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कुछ सबसे हिंसक झड़पें उत्तर-पश्चिमी ईरान के कुर्द क्षेत्रों में ही दर्ज की गईं।
मुल्क को नए नेतृत्व की जरूरत-ट्रंप
वहीं, ईरान में गहराते संकट के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दशकों लंबे शासन को समाप्त करने की मांग की और कहा कि लगातार जारी जन आंदोलन और असंतोष के बीच इस मुल्क को नए नेतृत्व की जरूरत है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में नई लीडरशिप खोजने का समय आ गया है। उन्होंने यह टिप्पणी इस्लामिक देश में हफ्तों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद कही। ये प्रदर्शन राजनीतिक दमन, आर्थिक कठिनाइयों और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर लोगों के गुस्से के कारण हो रहे हैं।
ट्रंप ने ईरान की लीडरशिप की कड़ी आलोचना करते हुए उस पर हिंसा और डर के जरिए शासन करने का आरोप लगाया। कथित फांसी का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने जो सबसे अच्छा फैसला लिया, वह यह था कि दो दिन पहले 800 से ज्यादा लोगों को फांसी नहीं दी। अमेरिकी राष्ट्रपति ने तर्क दिया कि ईरान की मौजूदा लीडरशिप सत्ता में बने रहने के लिए दमन पर निर्भर है। ट्रंप ने अयातुल्ला अली खामेनेई पर देश को पूरी तरह से बर्बाद करने और असहमति को दबाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।