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ईरान के ड्रोन हमले से सऊदी अरब में दुनिया की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी 'अरामको' में लगी आग, जानिए इस कंपनी के बारे में सबकुछ

Middle East War: दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक, अरामको तेल प्लांट पर हमला किया गया है। हालांकि, किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है। आग पर भी काबू पा लिया गया है।

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दुनिया की सबसे बड़े तेल डिपो 'अरामको' में लगी भीषण आग (प्रतीकात्मक फोटो)

Iran Attack Saudi Arabia: ईरान ने सऊदी अरब के अरामको तेल प्लांट को निशाना बनाया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत तेल और गैस कंपनी है। बताया गया कि ईरानी ड्रोन ने सऊदी अरब के रास तनुरा स्थित अरामको तेल प्लांट पर हमला किया है। खबर है कि प्लांट में आग लग गई है।

रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सऊदी अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी सोमवार सुबह बंद कर दी गई। यह हमला ड्रोन द्वारा किया गया। अधिकारियों ने कन्फर्म किया है कि स्थिति कंट्रोल में है, इसलिए इसे एहतियात के तौर पर बंद किया गया।

Semafor के एक रिपोर्टर ने X पर एक पोस्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि फैक्ट्री में एक छोटी आग लग लगी थी, लेकिन उस पर जल्दी काबू पा लिया गया। दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक, इस रिफाइनरी में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की खबर नहीं है।

शाहेद-136 ड्रोन से किया हमला?

कई सोशल मीडिया पोस्ट के मुताबिक, ईरान के शाहेद-136 ड्रोन ने सोमवार सुबह सऊदी अरब के मुख्य एनर्जी हब रास तनुरा में सऊदी अरामको की तेल रिफाइनिंग फैसिलिटी पर हमला किया। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले की वजह से रास तनुरा रिफाइनरी को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। हमले से साइट पर आग लग गई, हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक आग छोटी थी, जो कंट्रोल में थी।

अभी तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। सऊदी अरब की रास तनुरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमला मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसमें हाल ही में ईरान पर पहले अमेरिका और इजराइल ने हमला किया और फिर ईरान ने खाड़ी देशों और इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन हमले किए हैं।

'अरामको' रिफाइनरी के बारे में

बता दें कि सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में मौजूद रास तनुरा को सऊदी अरामको चलाता है और यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे अहम तेल एक्सपोर्ट टर्मिनल में से एक है। यह जगह कच्चे तेल के प्रोडक्शन और रिफाइनिंग दोनों कामों के लिए जरूरी है, और कहा जाता है कि इसकी रिफाइनरी हर दिन 550,000 बैरल से ज्यादा कच्चे तेल को प्रोसेस कर सकती है।

इससे जुड़ा एक्सपोर्ट टर्मिनल इंटरनेशनल मार्केट के लिए लाखों बैरल टैंकरों पर लोड कर सकता है, जिससे यह ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में एक अहम नोड बन जाता है। साइट का इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत बड़ा है, जिसमें रिफाइनिंग यूनिट, स्टोरेज टैंक, पाइपलाइन और दुनिया भर में कच्चे तेल की शिपिंग के लिए बनाया गया एक बड़ा पोर्ट है।

अपनी अहम भूमिका के कारण, रास तनुरा बहुत सुरक्षित है, और एडवांस्ड सर्विलांस सिस्टम से लैस है। स्ट्रेटेजिक रूप से, यह टर्मिनल एशिया, यूरोप और यूनाइटेड स्टेट्स के बड़े मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई के लिए जरूरी है और ऑपरेशन में किसी भी गड़बड़ी का तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट पर बड़ा असर पड़ सकता है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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