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इटली पर भड़का ईरान, युद्ध के दौरान अमेरिका को मदद के लिए जमकर सुनाया, इटली ने दी सफाई

इससे पहले, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की और स्पष्ट किया कि इटली ने कभी भी किसी सैन्य पहल में भाग नहीं लिया है ....

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ईरान ने इटली को निशाने पर लिया

Iran US Tension: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने रविवार को इटली के इस दावे की कड़ी आलोचना की कि उसने ईरान पर अमेरिका के युद्ध में कभी सहयोग नहीं किया, बल्कि तकनीकी और रसद संबंधी सहायता प्रदान की। बाकाई ने इसे घोर आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "यह एक अवैध युद्ध है - घोर आक्रामकता और अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन।"

इटली के विदेश मंत्री ने अराघची से की बात

इससे पहले, इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत की और स्पष्ट किया कि इटली ने कभी भी किसी सैन्य पहल में भाग नहीं लिया है और न ही ईरान के खिलाफ युद्ध कार्रवाई के लिए ठिकानों के उपयोग को अधिकृत किया है। ताजानी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने का अनुरोध किया। एक पोस्ट में उन्होंने आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों पर चर्चा की।

अमेरिका और ईरान के बीच फिर हमले का दौर

पश्चिम एशिया (West Asia) में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। युद्धविराम (सीजफायर) लागू होने के बाद भी दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई देखने को मिल रही है। अमेरिका ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए फिर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, ये कार्रवाई ईरान की ओर से एक पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर पर ड्रोन अटैक किए जाने के जवाब में की गई। इस घटना के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। बहरीन में धमाकों की खबरें सामने आई हैं, वहीं कुवैत ने भी अपने ऊपर मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है।

पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला

CENTCOM ने बताया कि ईरान को पहले हुए अमेरिकी हमलों के बाद सीजफायर का पालन करने का मौका दिया गया था। लेकिन शनिवार सुबह लगभग 4:30 बजे ईरान की ओर से एक आत्मघाती ड्रोन ने 'एम/टी किकू' (M/T Kiku) नामक पनामा-ध्वज वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस जहाज में करीब 29 लाख बैरल कच्चा तेल लदा हुआ था, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के पास से गुजर रहा था।

अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य सर्विलांस इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्युनिकेशन सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन स्टोरेज सेंटर और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता वाले ठिकानों पर हमला किया। CENTCOM के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही जारी है और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह अलर्ट और कार्रवाई के लिए तैयार है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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