Iran Israel War: होर्मुज खोलने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान को दी गई समय सीमा आज खत्म होने को है। उससे पहले ही इजरायल ने ईरान के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। असलूयेह स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमले के बाद अब इजरायल ने दावा किया है कि उसने ईरान के तीन हवाई अड्डों को निशाना बनाया है। उसके इस हमले में कई विमानों, हेलीकॉप्टरों और बड़े सैन्य ढ़ांचे को तबाह कर दिया है।
इन एयरपोर्ट को इजरायल ने बनाया निशाना
आईडीएफ ने दावा किया है कि उसने बहरान,मेहराबाद और आजमायेश एयरपोर्ट को निशाने पर लिया है। इससे पहले इजरायल ने ईरान के असलूयेह स्थित सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर एक शक्तिशाली हमला किया है। यह पेट्रोकेमिकल संयंत्र ईरान का लगभग 50 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल उत्पादन करता है।ईरान का साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल और गैस परिसर (Asaluyeh), असलूयेह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जो ईरान और कतर के बीच साझा है। एपी ने ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई खबर में कहा कि दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
डोनाल्ड ट्रंप ने दी है ईरान को पाषाण काल में पहुंचाने की धमकी
घरेलू दबाव के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समयसीमा के अंदर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा और देश को "पाषाण काल" में पहुंचा देगा।
इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा।अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो आप नर्क जैसी स्थिति में रहेंगे।
युद्ध विराम के लिए आया नया प्रस्ताव
युद्ध रोकने के प्रयास के तहत मध्यस्थ देशों मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये ने ईरान और अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 45 दिनों के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरुध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है, ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता तलाशने के लिए समय मिल सके।
ईरान का युद्धविराम प्रस्ताव 'पर्याप्त नहीं'-ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रस्तावित 45 दिवसीय युद्धविराम एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन क्षेत्र में लड़ाई जारी रहने के कारण यह उनके लिए स्वीकार करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि मध्यस्थ प्रस्ताव को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं और बातचीत जारी है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर मंगलवार की समय सीमा से पहले कोई समझौता नहीं हुआ तो वे नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी पर अमल कर सकते हैं।
