पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज खोलने के लिए अमेरिकी डेडलाइन के आखिरी दिन इजराइल ने ईरान को बड़ा हमला किया है। इजरायली सेना ने ईरान के असलूयेह स्थित साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला किया है। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने इस हमले को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
असलूयेह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र
काट्ज ने कहा कि इजरायल ने ईरान के असलूयेह स्थित सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर एक शक्तिशाली हमला किया है। यह पेट्रोकेमिकल संयंत्र ईरान का लगभग 50 प्रतिशत पेट्रोकेमिकल उत्पादन करता है।ईरान का साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल और गैस परिसर (Asaluyeh), असलूयेह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस क्षेत्र है, जो ईरान और कतर के बीच साझा है। एपी ने ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई खबर में कहा कि दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
वहीं, जब इजरायल के सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नादव शोशानी से इस हमले और शांति वार्ता को लेकर पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि बातचीत आगे बढ़ने के साथ ईरान को "कोई छूट नहीं" दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा था साउथ पार्स पर नहीं होगा इजरायली अटैक
वहीं, इस हमले को लेकर व्हाइट हाउस ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले मार्च में जब इजराइल ने साउथ पार्स पर हमला किया था तब ट्रम्प ने कहा था कि इजराइल दोबारा हमला नहीं करेगा। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान कतर के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और पूरे क्षेत्र को बड़े पैमाने पर उड़ा देगा।
इससे पहले, इजराइल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिनमें 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं। होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के लिए ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समयसीमा नजदीक आने के बीच मध्यस्थों ने युद्धविराम का नया प्रस्ताव पेश किया है।
शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालयको बनाया निशाना
सोमवार सुबह हुए हवाई हमलों में तेहरान में स्थित शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में विश्वविद्यालय की इमारतों के साथ-साथ परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र को भी नुकसान पहुंचा।
हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर में वास्तव में किस हिस्से को निशाना बनाया गया, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। युद्ध के कारण देशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं ली जा रही हैं, जिसकी वजह विश्वविद्यालय का परिसर खाली पड़ा है। गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय पर पहले भी कई देशों ने सैन्य गतिविधियों, खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े कार्यक्रम के कारण प्रतिबंध लगाए हैं।
प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की भी मौत
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान पर हुए एक हमले में अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की भी मौत हो गई। वहीं, ईरानी मिसाइलों ने उत्तरी इजराइल के शहर हाइफा को निशाना बनाया, जहां एक रिहायशी इमारत के मलबे से चार लोगों के शव बरामद किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में इस्लामशहर के पास हुए हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई। वहीं कोम के एक रिहायशी इलाके पर हमले में पांच लोगों की जान गई, जबकि अन्य शहरों में हुए हमलों में छह और लोगों की मौत हुई। सरकारी समाचार पत्र ’ईरान’ ने यह जानकारी दी।
तेहरान में जारी हैं हवाई हमले
इसके अलावा, तेहरान में एक घर पर हुए हवाई हमले में तीन और लोगों की मौत हो गई। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसकी पुष्टि की। तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं और कई घंटों तक आसमान में काफी नीचे उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। राजधानी पर लगातार बमबारी के बीच आजादी चौक के पास घना काला धुआं उठता देखा गया।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ता हुआ दिखा, जहां कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के लगातार हमलों और होर्मुज जलडमरुमध्य पर नियंत्रण के कारण वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है।
