अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान को अमेरिकी संपत्तियों पर किसी भी तरह के जवाबी हमले के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, 'अगर ईरान की ओर से हम पर किसी भी तरह से या किसी भी तरह से हमला किया जाता है, तो अमेरिकी सशस्त्र बलों की पूरी ताकत और शक्ति आप पर उस स्तर तक उतर आएगी, जो पहले कभी नहीं देखा गया।'
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब इजरायल ने तेहरान में ईरान के रक्षा मंत्रालय के मुख्यालय को निशाना बनाया और शनिवार को ईरान के बुशहर प्रांत में साउथ पारस गैस फील्ड से जुड़ी एक प्राकृतिक गैस प्रसंस्करण इकाई पर हमला किया।
पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने की बातचीत
इससे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और यूक्रेन शांति वार्ता पर चर्चा के लिए शनिवार को 50 मिनट तक फोन पर बातचीत की। पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।बातचीत के दौरान पुतिन ने ट्रंप को ईरान और इजराइल के नेताओं के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में जानकारी दी और ईरानी परमाणु मुद्दे पर परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाशने के रूस के प्रस्ताव को दोहराया।
पुतिन और ट्रंप के बीच बातचीत के बाद उशाकोव ने पत्रकारों से कहा, ‘‘स्वाभाविक रूप से, विचारों के आदान-प्रदान के केंद्र में पश्चिम एशिया में तनाव का खतरनाक रूप से बढ़ना रहा।’’उन्होंने बताया कि ट्रंप ने क्षेत्रीय स्थिति को ‘‘बहुत चिंताजनक’’ बताया और दोनों नेताओं में से किसी ने भी ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की संभावना से इनकार नहीं किया। उशाकोव के अनुसार, पुतिन ने इस्तांबुल में रूसी और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडलों के बीच शांति वार्ता के दौरान युद्धबंदियों के आदान-प्रदान समेत हुए समझौतों के कार्यान्वयन के बारे में ट्रंप को जानकारी दी।
