Israel Iran War: इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में अमेरिका की एंट्री होने से खलबली मच गई। अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों को निशाना बनाकर बमबारी की है। इस बीच, ईरान ने मॉस्को से मदद की गुहार लगाने का मन बनाया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने रविवार को कहा कि वह रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के लिए रविवार को मॉस्को जाएंगे।
विदेश मंत्री ने क्या कुछ कहा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि उनका देश अपने विभिन्न परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में आगे जो भी कार्रवाई करेगा उसके लिए वाशिंगटन 'पूरी तरह जिम्मेदार' होगा। उन्होंने कहा कि उनके परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हमले के बाद कोई कूटनीतिक रास्ता नहीं बचा है।
उन्होंने कहा कि हमारे विभिन्न परमाणु स्थलों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में अगर हम कोई कार्रवाई करते हैं, तो उसके लिए वाशिंगटन 'पूरी तरह से जिम्मेदार' है। अरागची ने इस्तांबुल में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि ऐसी कोई 'लक्ष्मण रेखा' अब नहीं बची है जिसे अमेरिका ने पार नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि हालांकि 'कूटनीतिक रास्ते' हमेशा खुला रहने चाहिए, लेकिन 'अब ऐसा नहीं है।' अरागची ने तुर्किए में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''अमेरिका में युद्धोन्मादी, अराजक प्रशासन अपने आक्रामक कृत्य के खतरनाक परिणामों और दूरगामी प्रभावों के लिए पूरी तरह से जिम्मेदार है।'
US ने पार कीं सारी लक्ष्मण रेखाएं
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि अंतिम लक्ष्मण रेखा सबसे खतरनाक रेखा है, जो कल पार की गई; अमेरिका ने परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करके इस लक्ष्मण रेखा को लांघने का काम किया है। अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किये गए हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री की यह पहली प्रतिक्रिया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने के लिए रविवार को मॉस्को जाएंगे।
