Best Monthly Income Schemes: अगर आपके पास निवेश करने के लिए 30 लाख रुपये की रकम है और आप नियमित आय के साथ अपना पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं तो FD (Fixed Deposit), Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) और Post Office Monthly Income Scheme (MIS) जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इन तीनों स्कीम में ब्याज दर, पात्रता, निवेश सीमा, लॉक-इन अवधि और ब्याज भुगतान का तरीका अलग-अलग है। इसलिए सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला करना सही नहीं होगा।
SCSS में मिल सकता है ₹20,500 का मासिक ब्याज
Senior Citizen Savings Scheme खासतौर पर सीनियर सिटीजन के लिए बनाई गई है। इस स्कीम पर पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। अगर कोई पात्र निवेशक 30 लाख रुपये निवेश करता है तो सालाना ब्याज 2.46 लाख रुपये होगा। इसे मासिक आधार पर देखें तो यह करीब 20,500 रुपये प्रति माह होगा।
हालांकि, SCSS में ब्याज का भुगतान हर महीने नहीं, बल्कि तिमाही आधार पर किया जाता है। यानी निवेशक को हर तीन महीने में करीब 61,500 रुपये का ब्याज मिल सकता है। लागू नियमों और टैक्स के बाद वास्तविक रकम अलग हो सकती है।
Post Office MIS में 30 लाख सीधे नहीं लगा सकते
Post Office Monthly Income Scheme यानी MIS उन निवेशकों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिन्हें नियमित मासिक आय चाहिए। MIS पर 7.4 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। लेकिन इस योजना में निवेश की अधिकतम सीमा है, इसलिए एक खाते में 30 लाख रुपये निवेश नहीं किए जा सकते।
अधिकतम संयुक्त MIS निवेश 15 लाख रुपये मानते हुए, एक खाते से करीब 9,250 रुपये की मासिक आय हो सकती है। पात्रता और लागू नियमों के अनुसार दो योग्य खातों से कुल 18,500 प्रति माह की आय संभव हो सकती है।
FD में ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी
Bank FD उन निवेशकों के लिए एक विकल्प है, जो अलग-अलग अवधि और ब्याज भुगतान विकल्प चाहते हैं। अलग-अलग बैंकों, अवधि और निवेशक की कैटेगरी के आधार पर FD की ब्याज दर करीब 6.5 से 8.5 प्रतिशत तक हो सकती है। कुछ Small Finance Banks वरिष्ठ नागरिकों को ज्यादा ब्याज दे सकते हैं।
30 लाख रुपये पर 6.5 फीसदी की दर से सालाना ब्याज करीब 1.99 लाख रुपये यानी लगभग 16,500 प्रति माह के बराबर होगा। वहीं 8.5 फीसदी की दर पर यह करीब 21,900 रुपये प्रति माह हो सकता है। हालांकि, वास्तविक रिटर्न बैंक और FD की शर्तों पर निर्भर करेगा।
कौन-सा विकल्प बेहतर?
अगर निवेशक SCSS के लिए पात्र वरिष्ठ नागरिक है और सरकार समर्थित ब्याज आय चाहता है तो 8.2 प्रतिशत की दर के कारण SCSS आकर्षक विकल्प हो सकता है। नियमित मासिक आय चाहने वालों के लिए MIS बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जबकि FD में अवधि और पेआउट के मामले में ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं।
इसलिए निवेश से पहले ब्याज दर के साथ पात्रता, निवेश सीमा, टैक्स, लॉक-इन अवधि और पैसे की जरूरत पड़ने पर निकासी की सुविधा जरूर देखें। केवल ज्यादा मासिक आय देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं होगी।
