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क्या ईरान में महिलाएं ले सकती हैं तलाक? ये नियम जान पकड़ लेंगे कान

Iran Laws for Women Marriages: ईरान में तलाक की चाहत का मतलब मौत होती है। ईरान के कानून कैसे महिलाओं को जानलेवा शादियों में फंसाकर छोड़ देते हैं, आज हम इस बारे में जानेंगे।

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क्या ईरान में महिलाएं ले सकती हैं तलाक?

Iran Women Marriage Divorce Rights: ईरान पर 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने एक साथ हमला बोला था। तब से यह युद्ध जारी है और ईरान भी दोनों देशों के ठिकानों पर हमले कर रहा है। इस बीच आइए जानते हैं कि ईरान में महिलाएं आसानी से अपनी मर्जी से तलाक ले सकती हैं या नहीं।...और इसको लेकर क्या नियम हैं? दरअसल, ऐसी कई रिपोर्ट्स हैं जो बताती हैं कि देश में हिजाब पहनना बेहद जरूरी है। बिना इसके बाहर नहीं जा सकते और ऐसा ना करने पर कड़ी सजा मिलती है। लेकिन इस बीच वहां महिलाओं की शादी को लेकर खतरनाक दावे किए जाते हैं।

ईरान में तलाक की चाहत का मतलब मौत होती है। ईरान के कानून कैसे महिलाओं को जानलेवा शादियों में फंसाकर छोड़ देते हैं, आज हम इस बारे में जानेंगे। बता दें कि ईरान में महिलाओं के लिए तलाक लेना लगभग नामुमकिन है। दूसरी ओर पति चाहे तो एक झटके में तलाक दे सकता है। वहां पुरुषों को 4 पत्नियां रखने का अधिकार है, लेकिन महिलाएं केवल एक शादी कर सकती हैं और अगर वह अपने पति से परेशान है और तलाक चाहती है तो वह एक मुश्किल प्रक्रिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि तलाक का अधिकार मुख्य रूप से पति के पास ही होता है।

'या तो तुम मेरे साथ रहोगी, या फिर बिल्कुल जिंदा नहीं रहोगी'

Iran Wire की एक पिछले साल की रिपोर्ट है। इसमें बताया गया कि 17 मई, 2025 को शाहरूद के बाहरी इलाके में एक लावारिस प्यूजो कार में यासमीन नोसराती (लेडी) का शव मिला। उनके शरीर पर गला घोंटने के साफ निशान थे। वह 23 साल की थीं और उनकी शादी को दो साल हुए थे। उनका गुनाह: तलाक मांगना था।

ईरानवायर से बात करने वाले परिवार के एक सदस्य के मुताबिक, जब यासमीन ने अलग होने की बात उठाई, तो उनके पति ने उनसे कहा था,

'या तो तुम मेरे साथ रहोगी, या फिर बिल्कुल जिंदा नहीं रहोगी।'

कुछ हफ्तों बाद, वह लड़की को शहर के बाहरी इलाके में ले गया और एक बेल्ट से उसका गला घोंट दिया। बता दें कि यासमीन उन सैकड़ों ईरानी महिलाओं में से एक थीं, जिन्हें हर साल अपनी शादी खत्म करने की कोशिश करने पर मार दिया जाता है।

ईरान के पारिवारिक कानून के तहत, जो इस्लामी न्यायशास्त्र पर आधारित है, इसके मुताबिक, तलाक का अधिकार सिर्फ पुरुषों को है। महिलाएं बहुत ही गंभीर हालात साबित किए बिना तलाक की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकतीं; इससे एक ऐसा कानूनी जाल बन जाता है, जो अक्सर तब जानलेवा साबित होता है, जब महिलाएं हिंसक रिश्तों से बाहर निकलने की कोशिश करती हैं।

बच्चा भी 7 साल तक मां का...

एक और नियम भी ऐसा है, जो हैरानी भरा है। वो ये कि अगर महिला को तलाक मिल भी जाता है तो तलाक के बाद मां अपने बच्चे को सिर्फ 7 साल की उम्र तक ही अपने पास रख सकती है। उसके बाद बच्चा पिता का हो जाता है। वहीं, अगर मां दूसरी शादी कर ले तो उसे बच्चे से मिलने तक नहीं दिया जाता। एतेमाद अखबार के अनुसार, पिछले साल मार्च और सितंबर के बीच परिवार के सदस्यों द्वारा 78 महिलाओं की हत्या कर दी गई। 2023 में, शर्ग अखबार ने बताया कि 2021 और 2023 के बीच कम से कम 165 महिलाओं की हत्या उनके पुरुष रिश्तेदारों ने की थी, जिनमें से 27 हत्याएं अकेले 2023 के पहले तीन महीनों में हुईं। इनमें से कई ऑनर किलिंग से जुड़ी थीं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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