Iran Declares Historic Victory: एक ओर जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की, दूसरी ओर ईरान ने अपनी जीत का दावा कर दिया। ईरान ने अमेरिका पर 'ऐतिहासिक विजय' का ऐलान किया है। ईरान ने कहा कि दुश्मन को उसका प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सरकार को उनके अन्यायपूर्ण, अवैध और आपराधिक युद्ध में करारी और निर्विवाद ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा है।
सुरक्षा परिषद ने कहा- ईरान ने महान विजय हासिल की
सुरक्षा परिषद ने आगे कहा कि ईरान ने युद्धक्षेत्र में लड़ाकों के बलिदान और वीरता, शहीद सैयद अली खामेनेई के रक्त और सैयद मोजतबा खामेनेई के ज्ञान और नेतृत्व के बल पर एक महान विजय प्राप्त की है। परिषद ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान द्वारा प्रस्तावित 10 सूत्री योजना को स्वीकार करने के लिए मजबूर हुआ, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण जारी रखना, संवर्धन के अधिकार को मान्यता देना और सभी प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। योजना में ईरान को हुए नुकसान की भरपाई, क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति का भी आह्वान किया गया है।
अमेरिका ईरान के बीच हुआ सीजफायर
अमेरिका ईरान के बीच आखिरकार सीजफायर हो चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर आज रात (बुधवार रात) होने वाले भीषण हमलों को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का द्विपक्षीय युद्धविराम लागू होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है। पाकिस्तानी नेतृत्व ने अमेरिका से ईरान पर होने वाले विनाशकारी हमलों को रोकने का अनुरोध किया था, जिसे ट्रंप ने स्वीकार कर लिया।
युद्धविराम की सबसे बड़ी शर्त: होर्मुज का खुलना
यह युद्धविराम एक महत्वपूर्ण शर्त पर आधारित है। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान को 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को पूरी तरह, तत्काल और सुरक्षित रूप से जहाजों की आवाजाही के लिए खोलना होगा। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को न केवल हासिल किया है, बल्कि उससे कहीं अधिक सफलता पाई है।
