दुनिया

ट्रंप पर हमले के पीछे ईरान की साजिश का शक, खतरे के कारण बढ़ाई गई थी पूर्व राष्ट्रपति की सुरक्षा

Donald Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के पीछे ईरानी साजिश का शक है। कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका को हाल के हफ्तों में खुफिया सूचना मिली थी कि ईरान ने ट्रंप की हत्या की साजिश रची है।

Image

ईरान से खतरे के कारण ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई थी: अधिकारी

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • ईरान से खतरे के कारण ट्रंप की सुरक्षा बढ़ाई गई थी
  • अमेरिका को खुफिया सूचना मिली थी कि ईरान ने ट्रंप की हत्या की साजिश रची है।
  • ईरान ने कहा कि ट्रंप के विरुद्ध साजिश का आरोप बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण है।

Donald Trump: ईरान से खतरे के कारण अमेरिकी 'सीक्रेट सर्विस' ने शनिवार को हुए पूर्व राष्ट्रपति की हत्या के प्रयास से पहले डोनाल्ड ट्रंप के इर्द-गिर्द सुरक्षा बढ़ाने के कदम उठाए थे लेकिन इस हमले का मूल खतरे से कोई संबंध नहीं जान पड़ता है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि खतरे के बारे में पता चलने पर बाइडन प्रशासन ने 'सीक्रेट सर्विस' के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और उन्हें इस बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इसे ट्रंप के सुरक्षा घेरे और ट्रंप के चुनाव प्रचार दल से जुड़े शीर्ष एजेंट के साथ साझा किया गया। इसके बाद सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप की सुरक्षा और कड़ी कर दी। अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर संवेदनशील खुफिया मामलों पर यह चर्चा की।

20 वर्षीय संदिग्ध का ईरान से कोई संबंध नही

वहीं सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि अमेरिका को हाल के हफ्तों में खुफिया सूचना मिली थी कि ईरान ने ट्रंप की हत्या की साजिश रची है। ईरानी खतरे के कारण ही अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने हमले से पहले ही ट्रंप की सुरक्षा बढ़ा दी थी। सीएनएन का दावा है कि अमेरिका को यह खुफिया सूचना एक मानव स्त्रोत से मिली थी। साथ ही स्पष्ट किया कि इस बात का कोई संकेत नहीं है कि ट्रंप पर हमला करने वाले 20 वर्षीय संदिग्ध का इस साजिश से कोई संबंध था। सीएनएन के रिपोर्टर ने एक्स पर पोस्ट में इस संबंध में एक अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी का हवाला दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि खतरे के बारे में पता चलने पर बाइडन प्रशासन ने सीक्रेट सर्विस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और उन्हें इससे अवगत कराया था।

बता दें, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता एड्रिएन वाटसन ने कहा कि हम पिछले कई वर्षों से ट्रंप प्रशासन के पूर्व अधिकारियों के विरुद्ध ईरानी खतरों पर नजर रख रहे हैं। ईरान के सैन्य अधिकारी कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की धमकी के चलते यह खतरा रहा हैं। ट्रंप ने 2020 में सुलेमानी की हत्या का आदेश दिया था। वाटसन ने कहा कि फिलहाल जांच में शूटर के साथ किसी भी साजिशकर्ता के संबंधों का पता नहीं चला है। उधर, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने कहा कि ट्रंप के विरुद्ध साजिश का आरोप बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण है। ट्रंप अपराधी हैं जिन पर ईरानी जनरल की हत्या का मुकदमा चलाकर दंडित किया जाना चाहिए।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article