टोक्यो नहीं अब ये बना दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर, जानें सूची में कहां हैं भारत के शहर

World Most Populated city Jakarta : इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता दुनिया में अब सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन गया है। संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। जकार्ता की आादी 41.9 मिलियन यानी करीब चार करोड़ से ज्यादा हो गई है। दूसरे स्थान पर बांग्लादेश का ढाका है। ढाका की आबादी 36.6 मिलियन बताया गया है। जकार्ता ने टोक्यो को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। 2000 की यूएन रिपोर्ट में सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर का खिताब टोक्यो के पास था। (तस्वीर-Istock)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Nov 28 2025, 13:05 IST
शीर्ष 10 में शामिल जकार्ता, ढाका और टोक्योImage Credit : Istock01 / 08

शीर्ष 10 में शामिल जकार्ता, ढाका और टोक्यो

एशिया, दुनिया की 33 में से 19 मेगासिटीज का घर है और शीर्ष 10 में से 9 एशिया में हैं। जकार्ता, ढाका और टोक्यो के अलावा, शीर्ष 10 में शामिल अन्य एशियाई शहर हैं-नई दिल्ली, भारत (3.02 करोड़); शंघाई, चीन (2.96 करोड़); ग्वांगझू, चीन (2.76 करोड़); मनीला, फिलीपींस (2.47 करोड़); कोलकाता, भारत (2.25 करोड़); और सियोल, दक्षिण कोरिया (2.25 करोड़)। (तस्वीर-Istock)

सूची में अमेरिका महाद्वीप से ब्राजीलImage Credit : Istock02 / 08

सूची में अमेरिका महाद्वीप से ब्राजील

UN के अनुसार, 3.2 करोड़ आबादी वाला मिस्र का काहिरा शीर्ष 10 में एकमात्र शहर है जो एशिया के बाहर स्थित है। ब्राजील का साओ पाउलो, 1.89 करोड़ लोगों के साथ, अमेरिका महाद्वीप का सबसे बड़ा शहर है। वहीं नाइजीरिया का लागोस भी तेजी से बढ़ा है, जिससे वह उप-सहारा अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर बन गया है। (तस्वीर-Istock)

​तेजी से बढ़ रही ढाका की आबादीImage Credit : Istock03 / 08

​तेजी से बढ़ रही ढाका की आबादी

ढाका की जनसंख्या में तेज वृद्धि की एक वजह यह भी है कि गांव के इलाकों से लोग मौके की तलाश में या बाढ़ और बढ़ते समुद्र लेवल जैसी समस्याओं की वजह से अपने शहर छोड़कर राजधानी आ रहे हैं, जो जलवायु परिवर्तन की वजह से और भी खराब हो गई है। (तस्वीर-Istock)

नई दिल्ली की आबादी 3.02 करोड़Image Credit : Istock04 / 08

नई दिल्ली की आबादी 3.02 करोड़

नई दिल्ली, भारत (3.02 करोड़); शंघाई, चीन (2.96 करोड़); ग्वांगझू, चीन (2.76 करोड़); मनीला, फिलीपींस (2.47 करोड़); कोलकाता, भारत (2.25 करोड़); और सियोल, दक्षिण कोरिया (2.25 करोड़)।

तेहरान की आबादी 90 लाखImage Credit : Istock05 / 08

तेहरान की आबादी 90 लाख

फिर भी, जबकि शहर के अधिकारियों और पार्लियामेंट्री बिल्डिंग्स को एक नया घर मिलेगा। UN का अनुमान है कि 2050 तक जकार्ता में 10 मिलियन और लोग रह रहे होंगे। इस बीच, UN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की राजधानी तेहरान, जहां पानी खत्म होने वाला है, वहां पानी की कमी हो रही है, अभी उसकी आबादी 90 लाख है।

​समुद्र में डूब सकता है जकार्ता का हिस्साImage Credit : Istock06 / 08

​समुद्र में डूब सकता है जकार्ता का हिस्सा

जकार्ता भी बढ़ते समुद्र लेवल की वजह से समस्याओं का सामना कर रहा है। अनुमान है कि 2050 तक शहर का एक चौथाई हिस्सा पानी में डूब सकता है। समस्या इतनी गंभीर है कि इंडोनेशिया की सरकार बोर्नियो आइलैंड के ईस्ट कालीमंतन प्रांत के नुसंतारा में एक नई खास राजधानी बना रही है। (तस्वीर-Istock)

​मेगासिटीज की संख्या बढ़कर हुई 33​Image Credit : Istock07 / 08

​मेगासिटीज की संख्या बढ़कर हुई 33​

संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग की वर्ल्ड अर्बनाइजेशन प्रॉस्पेक्ट्स 2025 रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि मेगासिटीज यानी 1 करोड़ से अधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्र की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जो 1975 में विश्वभर में मौजूद 8 मेगासिटीज की तुलना में चार गुना अधिक है।

जापान की राजधानी की आबादी 33.4 मिलियन​Image Credit : Istock08 / 08

जापान की राजधानी की आबादी 33.4 मिलियन​

जापान की राजधानी की आबादी 33.4 मिलियन थी और हाल के वर्षों में इसमें तेजी से कमी आई। इसके बाद वह बांग्लादेश से एक पायदान नीचे चला गया। ढाका के बारे में अनुमान जताया जा रहा है कि साल 2050 तक वह दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर बन जाएगा।

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